
मानसून के पहले मची लाल सोने की लूट, डीएम ने दी चेतावनी
चित्रकूट. मानसून से पहले खनन ठेकेदार और खनिज माफिया लाल सोने को लूटने में दिन रात एक कर रहे हैं। दरअसल 15 जून के बाद बालू व् मोरंग (लाल सोना) के खनन पर रोक लग जाती है क्योंकि ये मानसून का मौसम माना जाता है और नदियों में बाढ़ भी आ जाती है, इसलिये नियमतः खनन कार्य बंद कर दिया जाता है। इसी को देखते हुए खनन ठेकेदार और खनिज माफिया अवैध खनन से बाज नहीं आ रहे। इसके इतर अब जिलाधिकारी ने भी अवैध खनन पर लगाम कसने का ब्लू प्रिंट तैयार करते हुए खनन ठेकेदारों सहित खनिज माफियाओं को चेतावनी दी है कि मानसून के पहले लाल सोने की लूट से बाज आएं अन्यथा जिन ठेकेदारों का पट्टा हुआ है खनन के लिए उनका पट्टा निरस्त कर दिया जाएगा कड़ी कार्यवाही की जाएगी। डीएम ने खनिज विभाग को ढिलाई न बरतने के सख्त निर्देश दिए हैं।
किसी भी हालत में नियम विरुद्ध खनन बर्दास्त नहीं
जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर द्वारा अवैध खनन पर कड़ा रुख अख्तियार करने का परिणाम क्या होगा यह तो आने वाला समय ही बताएगा लेकिन इस समय डीएम के सख्त तेवर से खनन की दुनिया में हलचल जरूर है। कलेक्ट्रेट में जिला खनिज अधिकारी मिथलेश कुमार पांडेय, एसडीएम कर्वी इंदु प्रकाश व एसडीएम राजापुर सुभाष चंद्र यादव और बालू घाट ठेकेदारों के साथ बैठक करते डीएम ने कहा कि सरकार ने खनन का पट्टा कुछ नियम व् शर्तो के साथ आवंटित किया है और पालन कराना प्रशासन का दायित्व है। ठेकेदारों को चेताते हुए उन्होंने कहा कि अवैध खनन को लेकर वे पूरी तरह से गंभीर हैं जनपद में किसी भी तरह का अवैध खनन नहीं होने दिया जाएगा।
जितने का सीमांकन उतने में खनन
डीएम ने पट्टेधारकों को चेतावनी देते हुए कहा कि खनन घाट का जो सीमांकन किया गया है उतने में ही खनन कार्य किया जाएगा। सभी पट्टेधारकों को हिदायत दी गई कि जिन खनन घाटों में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं वहां तत्काल इसकी व्यवस्था करें।
रद्द होगा पट्टा
डीएम विशाख जी अय्यर के मुताबिक 15 जून से 30 जून तक प्रशासन की ओर से प्रत्येक घाट का निरीक्षण किया जाएगा यदि किसी घाट में अवैध खनन पाया जाता है तो सीधे खनन पट्टा रद्द कर दिया जाएगा औ जुर्माना भी वसूलने की कार्यवाई भी की जाएगी।
जब तक का पट्टा तब तक चलाना होगा घाट
जिलाधिकारी ने खनन ठेकेदारों को स्पष्ट कर दिया कि कोई भी बालू घाट सरेंडर नहीं होगा। पांच साल के लिए पट्टा हुआ है तो घाट चलाना ही होगा। यह नहीं हो सकता है कि खनन क्षेत्र में दो-तीन माह में खोदाई कर पूरी बालू निकाल ली जाए और फिर घाट सरेंडर कर दिया जाए।
Published on:
10 Jun 2018 06:59 pm
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