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Rajasthan: यहां गारंटी पीरियड में ही ‘दम’ तोड़ गई सड़क, 1.5 किमी का हिस्सा बना ‘डेथ जोन’

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में घटिया निर्माण और विभागीय अनदेखी के कारण आवागमन जानलेवा साबित हो रहा है।
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चित्तौड़गढ़

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Santosh Trivedi

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Updated: 20 Apr 2026, 2:43 PM IST

road damage

भदेसर हाईवे से सुखवाड़ा गांव जाने मार्ग खस्ताहाल

भदेसर। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में हाईवे सुखवाड़ा-कन्नौज मार्ग पर घटिया निर्माण और विभागीय अनदेखी के कारण आवागमन जानलेवा साबित हो रहा है। महज वर्ष 2024 में बनी यह सड़क अपनी पांच साल की गारंटी अवधि पूरी करने से पहले ही खड्डों में तब्दील हो गई। सड़क पर बिखरी नुकीली कंक्रीट और गहरे गड्ढों के कारण आए दिन दुपहिया वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं, लेकिन लोक निर्माण विभाग मरम्मत के नाम पर चुप्पी साधे बैठा है।

निर्माण में भेदभाव और घटिया सामग्री का आरोप

लगभग तीन किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट में ग्रामीणों ने निर्माण के दौरान भेदभाव का आरोप लगाया है। सुखवाड़ा से कन्नौज तक की सड़क अभी ठीक स्थिति में है, लेकिन सुखवाड़ा से हाईवे तक का 1.5 किलोमीटर का हिस्सा पूरी तरह उखड़ चुका है। यहां सड़क की गिट्टियां बाहर निकल आई हैं, जिससे यह पूरा क्षेत्र 'स्लिप जोन' बन गया है। उड़ती धूल के गुबार ने राहगीरों और स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल कर रखा है।

रेत के भारी डंपरों से बढ़ी समस्या

ग्रामीणों के अनुसार, सुखवाड़ा बस स्टैंड से कन्नौज की ओर दिन भर रेत से भरे ओवरलोड डंपर गुजर रहे हैं। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की नाक के नीचे से गुजरने वाले इन वाहनों पर कोई रोक-टोक नहीं है। यदि समय रहते इन भारी वाहनों का प्रवेश नियंत्रित नहीं किया गया, तो सड़क का शेष हिस्सा भी जल्द ही नष्ट हो जाएगा।

अधिकारियों का पक्ष

विभागीय सहायक अभियंता रोहित मेहता का कहना है कि सड़क के किनारे पर्याप्त जगह न होने के कारण पटरियां नहीं बन पाईं, जिससे पानी अंदर घुस गया और सड़क खराब हो गई। उन्होंने दावा किया कि काम अभी गारंटी पीरियड में है, इसलिए ठेकेदार को नोटिस देकर जल्द ही सड़क ठीक करवाई जाएगी। हालांकि, नोटिस के बावजूद अब तक धरातल पर कोई सुधार कार्य शुरू नहीं हुआ है।

जल्द मरम्मत की मांग

जगह-जगह गहरे गड्ढे, टूटी सतह और उखड़ा डामर राहगीरों के लिए खतरा बन गए हैं। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है, जबकि रात के समय दुर्घटना का जोखिम और बढ़ जाता है । लोगों ने जल्द मरम्मत की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि समस्या हल नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा ।

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