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अगर कांग्रेस जीती तो कौन होगा मुख्यमंत्री, विधायक, मंत्री और सांसद… बता रहे हैं पीसीसी प्रेसिडेंट

प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष बोले, प्रदेश के बिगड़े हालात के लिए वसुंधरा जिम्मेदार  
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PCC president tells, who will be next CM of Rajasthan if Congress wins

PCC president tells, who will be next CM of Rajasthan if Congress wins

चित्तौड़गढ़। राजस्थान में आज जो हालात पैदा हुए हैं, उसके लिए पूरी तरह वसुंधरा राजे जिम्मेदार है। एक ऐसा बहुमत उन्हें मिला था, जो शायद ही आज तक किसी मुख्यमंत्री को मिला हो। सत्ता में आने के बाद पहला काम उन्होंने यह किया कि नगर निकाय के चुनाव में लोग सीधा वोट डालते थे, उसका संशोधन करके इन डायरेक्ट चुनाव करवा दिए। इससे नगर पालिका और परिषद में खरीद-फरोख्त, अगवा करना, अपहरण करना चालू हो गया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने शनिवार को चित्तौड़गढ़ में सर्किट हाउस में यह बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने लिखित में केन्द्र सरकार को कहा कि मनरेगा कानून को समाप्त कर पॉलिसी में शिफ्ट कर दिया जाए। यह तब्दीली इसलिए करना चाहते थे, क्योंकि नरेगा कानून संविधान में लिखा हुआ है कि सौ दिन का रोजगार हर परिवार के व्यक्ति को देना है। इनकी सोच हमेशा ही नकारात्मक रही है। सत्ता का घमण्ड रहा है।

किसानों की मौत पर चुप्पी के कारण चला अभियान
चार साल में प्रदेश के सात करोड़ लोगों को दु:ख और मुसीबत का सामना करना पड़ा। किसानों की मौत पर संज्ञान से बच रही सरकार देश भर में किसानों को अभियान चलाना पड़ रहा है। किसान की आवाज उठाने वाला दिल्ली और जयपुर के मंत्री मण्डल में भी कोई नहीं है। सवा सौ से डेढ़ सौ किसान आत्महत्या कर चुके हैं। उन किसानों की मौत हुई है, उसका संज्ञान लेने से सरकार मना करती है। कभी पारिवारिक झगड़ा बताकर तो कभी जमीन का विवाद बता दिया जाता है। जिन लोगों के आंसू पोंछने हम लोग गए हैं, उनके परिवार को देखा है, मदद करने की कोशिश की है, लेकिन मुख्यमंत्री और उनकी सरकार के लोगों के मन में इतनी भी दया नहीं है कि दु:ख के समय लोगों की मदद करने की चेष्टा करें। सबसे ज्यादा कोटा संभाग में किसानों ने आत्महत्या की है।

पेट्रोल डीजल के भाव बढ़े, महंगाई ने बिगाड़ा बजट
पायलट ने कहा कि पेट्रोल-डीजल के भाव इतने बढ़ गए है। इससे हर चीज महंगी हो रही है। अब रसोई गैस के भी दाम बढ़ा दिए। परसों एक भाजपा विधायक ने बयान दिया कि किसान आत्महत्या इसलिए कर रहे हैं ताकि सरकार का मुआवजा क्लेम कर सके। इससे बड़ा मजाक नहीं हो सकता। इसके लिए मुख्यमंत्री को माफी मांगनी चाहिए। पहली बार भारत बंद करने की बात हुई है। दलित वर्ग के लोगों को लगा कि हमारे संविधान में छेड़छाड़ कर आरक्षण समाप्त करने की साजिश हो रही है। भाजपा शासन में इस तरह की बातें होती है। भाजपा अपने गिरेहबान में झांकने को तैयार नहीं है।


भाजपा का होगा सूपड़ा साफ
उन्होंने कहा कि भाजपा इतनी बुरी तरह से हारेगी कि उसका सूफड़ा साफ होने वाला है। पायलट ने कहा कि हमारा अभियान दो सौ विधान सभा क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं को संगठित करना है। बूथ कार्यकर्ताओं को चिन्हित करना है। आईटी के माध्यम से उन्हें एक माला में पिरोकर टीम बनाकर हम लोग धरातल पर उतरेंगे। यह सोच राहुल गांधी की है। शक्ति प्रोजेक्ट से लाखों की संख्या में लोग जुड़ रहे हैं। वसुंधरा के शासन में भ्रष्टाचार इतना पनपा है कि इसकी कल्पना नहीं कर सकते। जो भ्रष्ट अधिकारी, मंत्री, सांसद और विधायक है, उन लोगों को वसुंधरा राजे संरक्षण देने का काम कर रही है। उनकी नाक के नीचे हजारों लाखों करोड़ का भ्रष्टाचार हो रहा है और संभालने वाला कोई नहीं है।

मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे से उम्मीद जागती है
सचिन ने कहा कि हर बार मुख्यमंत्री दिल्ली जाती है, तो हमें लगता है कि प्रदेश के लिए कोई पैकेज लाएंगी, लेकिन वे सिर्फ भाजपा का प्रदेशाध्यक्ष कौन बने और कौन नहीं, इसकी लॉबिंग करके आ जाती है। पूरी पार्टी में जब ऐसा तनाव बना हुआ है तो ऐसे में हालात बहुत बदतर बने हुए हैं।

घमंड और अहंकार की सरकार
भाजपा के मंत्री गांवों में भी नहीं जा पा रहे हैं। पंचायतराज की सारी ताकतें खत्म करके जयपुर में केन्द्रित कर दी गई है। सोच नकारात्मक है। घमण्ड और अहंकार की सरकार है, इसका जाना तय है। हम लोग भी मेहनत कर रहे है। जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश कर रहे हैं। लोगों का साथ मिला है। पिछले चालीस साल में प्रदेश में कोई भी सत्ताधारी पार्टी लोकसभा का उप चुनाव नहीं हारी, लेकिन प्रदेश की जनता ने अलवर और अजमेर विधान सभा की सोलह सीटों पर भाजपा को हराया है। लोगों में आक्रोश है।

अगला मुख्यमंत्री कौन होगा
पायलट या गहलोत के सवाल पर सचिन ने कहा कि इसमें कोई संशय नहीं है कि हम चुनाव राहुल गांधी और सोनिया गांधी के सान्निध्य में लड़ेंगे। अलग-अलग नेताओं को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है। सबकी प्राथमिकता कांग्रेस सरकार बनाने की है। कौन विधायक बनेगा, कौन मंत्री और सांसद बनेगा, कौन मुख्यमंत्री बनेगा, इसकी टेंशन हमें तो पालनी नहीं है, हम लोग सब एक परिवार के रूप में काम कर रहे हैं, लेकिन कार्यकर्ताओं में एक बात तय है कि बहुमत पहले लेकर आएं और फिर अंत में दिसंबर के चुनाव के बाद तय हो जाएगा कि किसको क्या काम करना है। कांग्रेस को कामयाबी सबके सहयोग से मिली है।

गुटबाजी नहीं, प्रतिस्पर्धा है
कांग्रेस में गुटबाजी के सवाल पर सचिन ने कहा कि मुझे लगता है कि राजनीतिक दलों में प्रतिस्पर्धा होती है। टिकट और पद को लेकर होती है, लेकिन अनुशासन की सीमा को जो लांघेगा, उसके खिलाफ हम कार्रवाई करेंगे। हर जिले में कार्यकर्ताओं में उत्साह है। प्रतिस्पर्धा से गुटबाजी बढ़ने के सवाल पर पायलट ने कहा कि हमारे यहां तो कार्यकर्ता टिकटों की मांग कर रहे हैं।


प्रदेश सह प्रभारी करेंगे बात
कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन, नारेबाजी के सवाल पर प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने समाचार पत्रों में पढ़ा है। कुछ लोगों ने दावेदारी पेश करने के प्रयास किए। इस बारे में प्रदेश सह प्रभारी तरूण कुमार से कहा है कि वे बैठकर चर्चा कर लें। यदि कहीं भी किसी कार्यकर्ता या नेता ने ऐसा किया है, जो कांग्रेस की गरिमा को ठेस पहुंचाता है, तो उसकी जांच करेंगे। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि अपनी बात रखने का अधिकार सबको है।

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