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Chittorgarh: 170 Kmph की स्पीड भी ‘स्टॉप स्टिक’ के आगे बेअसर, तस्करों का बनी काल, भागते वाहन हो रहे पंचर

High Speed Vehicle Puncture Tool: मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चित्तौड़गढ़ पुलिस ने अब आधुनिक तकनीक का सहारा लेकर तस्करों की कमर तोड़ दी है। जिले में पुलिस की ओर से इस्तेमाल की जा रही स्टॉप स्टिक तस्करों को पकड़ने में अचूक हथियार साबित हो रही है।

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पुलिस ने स्टॉप स्टिक से तस्करों पर कसी लगाम, पत्रिका फोटो

पुलिस ने स्टॉप स्टिक से तस्करों पर कसी लगाम, पत्रिका फोटो

High Speed Vehicle Puncture Tool: मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चित्तौड़गढ़ पुलिस ने अब आधुनिक तकनीक का सहारा लेकर तस्करों की कमर तोड़ दी है। जिले में पुलिस की ओर से इस्तेमाल की जा रही स्टॉप स्टिक तस्करों को पकड़ने में अचूक हथियार साबित हो रही है। पिछले महज एक साल के भीतर पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान 20 से अधिक बार इन स्टिक्स का सफल उपयोग कर करोड़ों के मादक पदार्थ जब्त किए हैं।

तस्कर और शातिर अपराधी कई बार 150 से 170 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से वाहन चलाकर पुलिस नाकाबंदी को तोड़कर भाग जाते है। ऐसे में पुलिस के इस अचूक बाण से अपराधियों के लग्जरी वाहनों की हवा निकाल रही है। डोडाचूरा अफीम शराब जैसे पदार्थ जब्त करने में सफल हो रही है।

सावधानी के साथ ऐसे करते है उपयोग

सदर थाने के सिपाही हेमवृतसिंह ने बताया कि स्पीड में आने वाले वाहन को देखकर अंदाजा लग जाता है कि नाकाबंदी तोड़ सकता है। पुलिस के रोकने पर भी वाहन नहीं रोकता है, या पास में आकर गाड़ी घुमा लेता है। तब आगे पीछे खड़े दूसरे जवान सावधानी व फुर्ती से स्टॉप स्टीक को अपराधियों की गाड़ी के आगे डाल देते है। यह प्रक्रिया चंद सैंकडों की होती है। उस दौरान सिपाही को अपनेआप को बचाना और तस्करों के वाहन को पंक्चर करना मुश्किल काम होता है।

जानें क्या है स्टॉप स्टिक

स्टॉप स्टीक थ्री फोल्ड सिस्टम है। काले कवर में रखा जाता है। इसमें नुकीली किले होती है, जैसे ही कोई वाहन स्टिक के ऊपर से गुजरता है। ये उनके पहियों में धंस जाती है। वाहन की हवा निकाल देती है। स्टिक को अधीकतम तीन बार प्रयोग किया जाता है। वाहन इसके ऊपर से गुजर जाने के बाद इसे सड़क से तुरंत हटाया भी जाता है, जिससे अन्य वाहन को नुकसान न हो।

स्टॉप स्टिक से यूं की कार्रवाई

केस.1

शहर की सदर थाना पुलिस ने 10 अप्रेल 2025 को उदयपुर-भीलवाड़ा रोड हाईवे पर नाकबंदी की हेडकांस्टेबल सुरेंद्र सिंह, हेमवृतसिंह, भजनलाल, बलवंतसिंह, विनोद कुमार नाकाबंदी कर रहे थे। निम्बाहेड़ा की तरफ से बिना नम्बरी स्कार्पियों आई। चालक को रोकने का इशारा किया। चालक ने गाड़ी को रोकने के बजाय घुमा कर भागने लगा। मौजूद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक सिपाही ने सूझबूझ व तत्परता के साथ वाहन के आगे स्टॉप स्टिक लगाकर टॉयर को पंचर कर किया। वाहन से तीन क्विंटल 84 किलो डोडाचूरा बरामद हुआ।

केस.2

चित्तौड़गढ़ सदर थाना पुलिस ने 150 की स्पीड से भाग रही थार गाड़ी से दो अगस्त 2025 को स्टॉप स्टिक लगाकर रोका । इसमें 45 किलो डोडा चूरा बरामद हुआ। पूर्व के आकड़ों पर नजर डाली जाए तो सदर थाना पुलिस ने 2021 में एक लग्जरी कार को रुकने का इशारा किया। कार चालक ने कार नहीं रोकी। पुलिस ने कार के आगे स्टॉप स्टिक डाली। कार चालक पंचर हालत में भी कार को भगा ले गया। बाद में एक जगह कार को छोड़ कर चालक फरार हो गया। कार में 78 किलो अफीम बरामद हुई।

केस.3

जिले के भदेसर थाना क्षेत्र में भदेसर पुलिस व डीएसटी टीम ने 23 मार्च 2026 को सतखंडा चौराहा शम्भूपरा के पास नाकाबंदी की। एक बीना नम्बरी पिकअप आई और पुलिस वाहन को टक्कर मारते नाकाबंदी तोड़कर भागने लगी। पुलिस ने वाहन का पीछा कर स्टॉप स्टिक डालकर वाहन को पंचर किया। वाहन में 913 किलो डोडाचूरा बरामद हुआ।

स्टॉप स्टिक की जरूरत, मुख्यालय को कराया अवगत

2024 में 29 स्टॉप स्टिक जिले को मिली थी। जिला पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी के नेतृत्व में जिला पुलिस मुस्तैदी से काम कर रही है। स्टॉप स्टिक का उपयोग शहर सहित जिले के विभिन्न थाना सर्किल में नाकाबंदी के दौरान किया जा रहा है। लेकिन वर्तमान में और स्टॉप स्टिक की जरुरत है। इसके लिए पुलिस मुख्यालय को अवगत कराया गया है।
सरितासिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, चित्तौड़गढ़

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