
एआई से बनाई गई तस्वीर
गूगल मैप पर आंख बंद कर भरोसा करना कितना खतरनाक हो सकता है। इसकी बानगी कल रात भयावह हादसे के तौर पर सामने आई। चित्तौड़गढ़ जिले के राशमी थाना क्षेत्र में गूगल मैप पर निर्भरता ने एक परिवार की जिंदगी छीन ली। रात करीब 1 बजे भीलवाड़ा से लौट रहे इस परिवार की वैन गूगल मैप के बताए रास्ते पर चलते हुए बनास नदी की खतरनाक पुलिया पर जा पहुंची। अंधेरे में ड्राइवर को खतरा दिखाई नहीं दिया और वैन पुलिया पर चढ़ते ही गहरे गड्ढे में गिर गई।
दर्दनाक हादसे में वैन सवार 9 लोगों में से 4 साल की मासूम बच्ची की मौत हो गई। जबकि तीन महिलाएं अब भी लापता हैं। पुलिस के अनुसार परिवार के 5 लोगों ने वैन पर चढ़कर जान बचाई। जिन्हें नाव के जरिए सुरक्षित बाहर निकाला गया है।जानकारी के अनुसार परिवार भीलवाड़ा से सवाई भोज मंदिर के दर्शन कर लौट रहा था। रास्ता खोजने के लिए उन्होंने गूगल मैप का सहारा लिया। मैप ने उन्हें सोमपी-उपरेड़ा पुलिया की ओर मोड़ दिया। यह रास्ता पिछले तीन साल से बंद है। मातृकुंडिया बांध का गेट खोल दिए जाने के बाद पुलिया पर पानी का तेज बहाव था। खतरे का अंदाजा न लगा पाने के कारण वैन पुल पर चढ़ गई और हादसा हो गया।
वैन जैसे ही पानी में बहने लगी, उसमें बैठे लोग घबरा गए। कुछ ने तुरंत ऊपर चढ़कर अपनी जान बचाने की कोशिश की। इनमें से मदनलाल (25), हितेश (16), लीला (18), नौ माह का काव्यांश और नौ माह का आयांश को नाव के सहारे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। लेकिन ममता (25), 6 साल की रुत्वी, 4 साल की खुशी और एक अन्य महिला तेज धारा में बह गई। बाद में खुशी का शव निकाला गया। जबकि बाकी तीन की तलाश जारी है।
पुलिस ने बताया कि अगर परिवार रास्ते में किसी से पूछता या स्थानीय लोगों की मदद लेता तो यह हादसा टल सकता था। गूगल मैप ने उन्हें ऐसे मार्ग पर मोड़ दिया जो लंबे समय से बंद था और जहां पानी का बहाव जानलेवा साबित हुआ।
Updated on:
27 Aug 2025 10:38 am
Published on:
27 Aug 2025 10:37 am
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