
राजस्थान पुलिस। पत्रिका फाइल फोटो
चित्तौड़गढ़। राजस्थान पुलिस में लंबे समय से अटके पदोन्नति के मामलों में राज्य सरकार ने अब राहत दी है। पुलिस मुख्यालय ने सिपाही, हवलदार के 1100 छाया पद स्वीकृत किए हैं। इससे अब दो से ज्यादा संतान वाले सिपाहियों को भी पदोन्नति का लाभ मिल सकेगा।
पिछले कई साल से दो संतान का नियम लागू होने से बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की पदोन्नति अटकी हुई है। राजस्थान सरकार ने वर्ष 2023 में सेवा नियमों में संशोधन कर तीन संतान वाले कर्मचारियों को भी पदोन्नति के लिए पात्र माना था।
हालांकि, इस संशोधन को हाईकोर्ट में कानूनी चुनौती दी गई थी। इससे 2024 में न्यायालय की ओर से अंतरिम रोक लगा दी गई थी। अब 2025 में कोर्ट ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। सरकार ने नियमों को प्रभावी रूप से लागू करते हुए पुलिस विभाग में छाया पदों को मंजूरी दे दी है।
पुलिस मुख्यालय के आदेश के अनुसार 1100 छाया पदों पर अब जल्द ही पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उदयपुर रेंज में 281 पद स्वीकृत किए गए हैं। इसमें चित्तौडग़ढ़ जिला भी शामिल है। पुलिसकर्मी इस मामले में कई बार सरकार से छाया पद सृजित करने की मांग कर चुके है। अब इन पदों के स्वीकृत होने से ऐसे कर्मियों को पदोन्नति की समस्या से मुक्ति मिलेगी।
पुलिस मुख्यालय ने संबंधित जिलों को पात्र पुलिसकर्मियों की सूची भेज दी है। अब पदोन्नति प्रक्रिया कभी भी शुरू की जा सकती है। दो से अधिक संतान वाले सिपाहियों के प्रोविजनल पास होने पर परिणाम लिफाफे में बंद है। इनकी पदोन्नति का रास्ता अब पुलिस मुख्यालय की ओर से हवलदारों के छाया पद सृजन से खुल गया है।
जयपुर आयुक्तालय में 64, एसीबी में 4, उदयपुर रेंज में 281, जीआरपी में 17, कोटा रेंज में 205, जोधपुर रेंज में 209, जयपुर रेंज में 90, आरएसी में 98, सीआइडी आईबी में 17, सीआईडी सीबी में 4 और बीकानेर रेंज में 89 पद हैं।
Updated on:
15 Nov 2025 02:53 pm
Published on:
15 Nov 2025 02:53 pm
