
फाइल फोटो पत्रिका
Chittorgarh News : नौतपा खत्म हो गया है। राजस्थान में इस बार नौतपा बेअसर साबित हुआ। चित्तौड़गढ़ में नौतपा की नरमाई ने इस बार खरीफ की फसलों की वृद्धि पर संकट आ गया है। इस बार नाम के मुकाबले नौतपा की तल्खी नजर नहीं आ रही है। इसी को लेकर खरीफ बुवाई की तैयारी कर रहे किसानों की चिन्ता बढ़ गई है।
अमूमन मई के अंतिम सप्ताह से जून की शुरुआत तक तेज गर्मी क्षेत्र में खरीफ फसलों की तैयारी के लिए अनुकूल मानी जाती है। लेकिन इस बार मौसम ने रुख बदल लिया है। बादल, बूंदाबांदी और हवा ने तपन को रोके रखा है। जिससे मिट्टी में नमी तो बनी रही पर तापमान की कमी ने कीट और रोगों के प्रकोप की आशंका बढ़ा दी है। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार जिले में नौतपा के दौरान तापमान औसतन 40 डिग्री सैल्सियस रहा है। जबकि आमतौर पर यह 44-45 डिग्री तक पहुंच जाता है। मौसम विभाग के अनुसार अरब सागर से आ रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ के असर से क्षेत्र में गर्मी दब गई है।
किसानों का कहना है कि मौसम की अनिश्चितता ने किसानों को चिंता में डाल दिया है। इस बार समय से पहले आई नमी और तापमान में गिरावट से खरीफ की बुवाई प्रभावित होगी। बुवाई के बाद समय-समय पर मानसून की बारिश नहीं हुई तो फसलों के उत्पादन में 25 प्रतिशत गिरावट की आशंका रहेगी। खरीफ की बुवाई से पहले तेज गर्मी के कारण खेतों की माटी पूरी तरह तपकर तैयार हो जाती है पर इस बार मई के अंतिम सप्ताह और नौतपा की शुरुआत से ही मौसम बदलने से खरीफ फसलों की नींव डगमगाने का खतरा है। आगामी दिनों में मौसम नहीं सुधरा तो खरीफ फसलें प्रभावित हो सकती हैं।
Published on:
03 Jun 2025 12:52 pm
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