
चित्तौडग़ढ़। श्रीराजपूत करणी सेना के 12वें स्थापना दिवस पर रविवार को चित्तौडगढ़ के इंदिरा गांधी स्टेडियम में जौहर स्वाभिमान सम्मेलन हुआ। सम्मेलन में देश के विभिन्न क्षेत्रों से क्षत्रिय समाज के हजारों लोग पहुंचे। तेज बारिश के बीच करीब तीन घंटे तक चले सम्मेलन में मुख्य रूप से आरक्षण व्यवस्था, एससी-एसटी एक्ट में किए गए संशोधन और पद्मावत फिल्म विवाद का मुद्दा ही छाया रहा।
हुंकार भरी गई कि जो राजपूत समाज की बात नहीं करेगा वो राजस्थान और देश पर राज नहीं करेगा। करणी सेना के संस्थापक व संरक्षक लोकेन्द्रसिंह कालवी ने कहा कि आगामी चुनाव में अभी हम किसी दल के साथ में नहीं है। हमारा वोट उसी को मिलेगा जो हमारी बात करेगा।
उन्होंने कहा कि संगठन 21 अक्टूबर को जयपुर में बड़़ी रैली करने जा रहा है। तब तक हमारी बात नहीं सुनी जाती है तो वहां कोई बड़ा राजनीतिक फैसला भी लिया जा सकता है।
कालवी ने इन मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर का बताते हुए कहा कि समाज को अब दिल्ली चलने के लिए भी तैयार रहना चाहिए। समाज ने जो मुद्दें उठाए है उन पर ध्यान नहीं दिया जाता है तो दिल्ली में 10 मार्च 2019 को 19 लाख लोगों की रैली की जाएगी।
कालवी ने एक दिन पहले शनिवार पचपदरा रैली में कमल का फूल मेरी भूल बता भाजपा छोडऩे का ऐलान करने वाले पूर्व केन्द्रीय मंत्री जसवंतसिंह के पुत्र शिव विधायक मानवेन्द्रसिंह का नाम लिए बिना कहा कि न तो मैं ये कहूंगा की हमारी भूल कमल का फूल और न ही ये कहूंगा कि अब हमारा हाथ कांग्रेस के साथ। जो हमारे साथ है हम उसके साथ है। जो ऐसा नहीं करेगा उसे राजनीतिक तौर पर सबक सिखाया जाएगा।
कालवी व श्रीराजपूत करणी सेना के राष्ट्र्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने फिल्म पद्मावत रिलीज के समय जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि चित्तौडग़ढ़ सांसद सीपी जोशी के अलावा ऐसा कोई नहीं था जो खुलकर फिल्म के विरोध में सामने आता।
सम्मेलन को पूर्व विधायक प्रदीपकुमार सिंह, राजपूत महासभा के गिरिराजसिंह लोटवाड़ा, करणी सेना के प्रदेश महासचिव विश्वबंधुसिंह राठौड़, युगप्रदीप सिंह, कमलेन्द्रसिंह हाड़ा, निर्र्मला कंवर सहित करणी सेना के विभिन्न जिलों के जिलाध्यक्षों व अन्य पदाधिकारियों ने सम्बोधित किया।
Updated on:
23 Sept 2018 06:52 pm
Published on:
23 Sept 2018 06:43 pm
