
चित्तौड़गढ़। चित्तौडग़ढ़ जिले में ब्याज मुक्त ऋण लेने वाले 30 हजार किसान डिफाल्टर घोषित हो गए हैं। इनके 106 करोड़ रुपए बकाया है। इनके अलावा 12 हजार किसान ऐसे हैं, जो यदि 31 मार्च तक बकाया ऋण राशि जमा करवा देते हैं तो उन्हें खरीफ के सीजन में फिर ब्याज मुक्त ऋण मिल सकता है। इन किसानों में करीब 40 करोड़ रुपए बकाया है।
जिले में किसानों को वर्ष 2024-25 के रबी व खरीफ सीजन में 1131 की जगह 1170 करोड़ रुपए का ब्याज मुक्त ऋण वितरित किया जा चुका है। अब तक जिले में 12 हजार किसान ऐसे हैं, जो डिफाल्टर घोषित नहीं हुए हैं। इनके पास डिफाल्टर घोषित होने से बचने के लिए अब आज सिर्फ आखिरी मौका हैं। 31 मार्च तक यह किसान बकाया ऋण राशि जमा करवा देते हैं तो इन्हें खरीफ सीजन में नया ब्याज मुक्त ऋण मिल जाएगा।
खरीफ सीजन को लेकर सहकारिता विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है। विभाग की ओर से प्रदेश में ग्राम सेवा सहकारी समितियों के जरिए ब्याज मुक्त फसली ऋण बांटने की कवायद शुरू कर दी है। इसके तहत प्रदेश में तीस लाख किसानों को फसली ऋण बांटा जाएगा। फसली ऋण के साथ ही जिलेवार सहकारी बैंक की ओर से नए सदस्य भी बनाए जाएंगे। अप्रेल में गाइड लाइन मिलते ही ऋण वितरण शुरू कर दिया जाएगा। किसानों को बांटे जाने वाले ऋण के ब्याज की राशि में से तीन प्रतिशत राशि केन्द्र सरकार और चार प्रतिशत राज्य सरकार वहन करती हैं।
प्रदेश के सभी जिलों में सहकारी बैंक बनाए हुए हैं। इनके अधीन ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम सेवा सहकारी समितियां बनी हुई। संबंधित ग्राम सेवा सहकारी समिति के व्यवस्थापक को नए सदस्य बनने के लिए आवेदन किया जा सकता है। इसके लिए संबंधित किसान को खेत की जमाबंदी, बैंक पासबुक व जनाधार कार्ड देना होगा। इस आवेदन के बाद ग्राम सेवा सहकारी समिति की ओर से नया ऋण स्वीकृत किया जाएगा।
रबी सीजन की तुलना में खरीफ सीजन में खेती करने वाले किसानों की संख्या ज्यादा होती है। खरीफ सीजन में असिंचित क्षेत्रों में भी बुवाई की जाती है। खरीफ सीजन की बुवाई करने के लिए कई बार किसानों को अपनी उपज औने-पौने दामों में साहूकारों को बेचनी पड़ती है। सहकारी बैंक की ओर से खरीफ सीजन में सदस्य किसान को ब्याज मुक्त ऋण देने से वे साहूकारों के चंगुल में फंसने से बच जाएंगे।
खरीफ सीजन में ब्याज मुक्त ऋण वितरण को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई है। चित्तौडग़ढ़ जिले में 12 हजार किसानों में 40 करोड़ रुपए बकाया है। ये किसान 31 मार्च 2025 तक बकाया ऋण राशि जमा करवा देते हैं तो इन्हें खरीफ के सीजन में नया ऋण मिल सकता है। बकाया जमा नहीं करवाने पर डिफाल्टर हो जाएंगे।
-नानालाल चावला, एमडी, केन्द्रीय सहकारी बैंक चित्तौड़गढ़
Published on:
31 Mar 2025 02:08 pm

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