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दस साल पहले घर से निकले विजय को अपनों की तलाश , घर खोजने में सिर्फ मदद की आस

दस साल पहले घर से निकले विजय को अपनों की तलाश , घर खोजने में सिर्फ मदद की आस
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चूरू

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anandi lal

Feb 25, 2019

Churu

दस साल पहले घर से निकले विजय को अपनों की तलाश , घर खोजने में सिर्फ मदद की आस

चूरू/सरदारशहर। 10 वर्ष की उम्र में घर से निकले विजय को अब अपनों की चिंता सताने लगी है। इसके चलते विजय अब अपने घर की तलाश में है। दस साल तक ट्रकों में जीवन बिताने वाले विजय को बस इतना याद है कि वह 3 बहनों का एकलौता भाई है और तहसील का नाम सरदारशहर है।

अब विजय करीब 20 साल का हो गया है। जब विजय दस साल का था तो शराबी पिता के मारपीट करने से परेशान होकर गांव से पैदल ही निकल गया। एक-दो किमी पैदल चलकर सड़क मार्ग पर जा पहुंचा, जहां एक ट्रक चालक उसे ट्रक में बैठाकर पंजाब ले गया। चालक विजय से ट्रक की साफ-सफाई का काम करवाता था। इसके बदले दो वक्त की रोटी दे देता था। चालक ने उसका नाम विजय रख दिया। विजय को अपना असली नाम याद नहीं है।

कई वर्षों तक ट्रक में काम करने के दौरान विजय से ट्रक चालक कुलवन्त सिंह भी मारपीट करता रहा। मारपीट करने पर वह महाजन फिल्ड फायरिंग इलाके में चला गया, जहां पर एक ठेकेदार के हत्थे चढ़ने पर ठेकेदार ने अपने पास काम पर रख लिआ। पैसा नहीं मिलने पर फिर बुटासिंह नामक ट्रक चालक के साथ चला गया। इसके बाद इस चालक की मारपीट से तंग आकर फिर भाग निकला।

जब उसे सड़क किनारे बैठकर रोते देखा तो लोगों ने पुछताछ की। लोगों ने थाने और मीडिया से सम्पर्क करने की बात कही। इसके बाद विजय ने पत्रिका कार्यालय में संपर्क किया और आप बीती बताई। संवाददाता ने थानाधिकारी रणवीरसिंह से संपर्क कर विजय के बारे में पूरी जानकारी दी। थानाधिकारी ने बताया कि भानीपुरा व सरदारशहर थाने में दस साल पहले दर्ज हुई गुमशुदगी रिपोर्ट खंगाल कर जानकारी ली जाएगी।