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डीबीएच में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने मनमाफिक रुपए लेने के बाद प्रसूता को वार्ड में किया शिफ्ट

डीबीएच प्रशासन की बड़ी नाकामी, मातृ एवं शिशु अस्पताल में बधाई रूपी रिश्वत का खेल जारी
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churu dbh news

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राकेश कुमार गौतम


चूरू. मेडिकल कॉलेज से जुड़े राजकीय डेडराज भरतिया अस्पताल प्रशासन की नाकामी के कारण महिला एवं शिशु अस्पताल में रिश्वत रूपी बधाई का खेल बदस्तूर जारी है। मंगलवार को राजस्थान पत्रिका की ओर से किए गए स्टिंग में इसका खुलासा हुआ। बधाई के इस खेल को कैमरे में कैद किया गया। ऑपरेशन थिएटर में प्रसव के बाद चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी ने मनमाफिक रुपए नहीं मिलने तक प्रसूता को वार्ड में शिफ्ट नहीं किया। थिएटर के गेट पर ही प्रसूता स्टे्रचर पर लेटी रही। रिश्वत रूपी बधाई का यह खेल दोपहर 12.6 बजे शुरू हुआ।

जानकारी के मुताबिक सिजेरियन प्रसव के बाद महिला को वार्ड में शिफ्ट करते समय महिला कर्मचारी ने परिजनों से रुपए मांगे और प्रसूता को लेकर गेट पर खड़ी हो गई। प्रसूता की तरफ से एक महिला पहले ५० रुपए लेकर गई और महिला कर्मचारी को देने लगी। रुपए कम होने पर कर्मचारी ने प्रसूता के परिजनों को फटकार दिया। इसके बाद महिला कुछ और नोट लेकर गई तथा कमचारी को दे दिया। इसके बाद महिला कर्मचारी ने प्रसूता को भर्ती वार्ड में शिफ्ट किया। महिला कर्मचारी का नाम किरन (फौजन) बताया जा रहा है जो एमआरएस के तहत कई सालों से कार्य कर रही है। उसकी अधिकतर ड्यूटी लेबररूम व महिला ऑपरेशन थिएटर में ही रहती है।

अधिकारियों की हो जांच

एमसीएच के लेबररूम व ऑपरेशन थिएटर में रिश्वत के आरोप पहले भी लगते रहे हैं। पिछले साल जोर-शोर से मामला उठा था। लेकिन जिन नर्सिंग कर्मचारियों पर आरोप लगे थे उन्हे प्रशासनिक अधिकारियों ने लेबररूम से हटाकर फिर से लेबररूम में ही लगा दिया। प्रसूताओं के परिजनों की बार-बार शिकायत व मीडिया में मामला उछलने के बाद भी अस्पताल प्रबंधन रिश्वत के इस खेल पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है। लेकिन आरोपी स्टाफ को ही बार-बार लेबर रूम में लगा रहा है। डीबीएच प्रशासन इस खेल पर रोक लगाने में क्यों नहीं रुचि दिखा रहा इसकी भी बाहरी अधिकारियों से जांच होनी चाहिए। विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है कि इस खेल में कई स्टाफ शामिल हैं जिसकी वजह से अंकुश नहीं लग पा रहा।

''महिला एवं शिशु अस्पताल में बधाई रूपी रिश्वत की शिकायतें पहले भी मिली हैं। अंकुश लगाने का प्रयास किया जा रहा है। सभी को बधाई रूपी रिश्वत नहीं लेने के लिए पाबंद किया गया है। फिर भी किसी ने ऐसा किया है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।''
डा. वीरबहादुरसिंह, प्रिंसिपल, मेडिकल कॉलेज, चूरू