
एक स्कूल ऐसा जहां विद्यार्थी-शिक्षक बैठने से डरते हैं
सादुलपुर. निकटवर्ती गांव ख्याली में स्थित राजकीय सीनियर सैकेण्डरी स्कूल कहने को तो आदर्श विद्यालय है। लेकिन विद्यालय का भवन क्षतिग्रस्त है। नाम का आदर्श विद्यालय है। विद्यालय में वर्तमान में २६६ विद्यार्थी तथा १६ शिक्षकों का स्टाफ है। लेकिन भवन की स्थिति ऐसी है कि सर्दी हो या गर्मी चार-पांच कक्षाओं के विद्यार्थियों को खुले में ही बैठना पड़ता है। विद्यालय में अधिकांश कमरे तथा बरामदे इस प्रकार जीर्ण-शीर्ण हैं कि शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को कमरों में बैठने से भी डर लगता है। गांव के रामकिशन मील, बनवारीलाल भाकर, हरचंद शर्मा ने बताया कि ग्रामीणों की भी लाचारी और मजबूरी है कि क्षतिग्रस्त भवन वाले विद्यालय में बच्चों को पढऩे के लिए भेजना पड़ता है तथा बच्चे स्कूल जाने के बाद दिनभर किसी हादसे की आशंका में चिंतित रहते हैं।
रुपए स्वीकृत किए
विद्यालय मरम्मत के लिए सांसद विकास निधि से साढ़े पांच लाख रुपए स्वीकृत किए थे तथा कुछ माह पूर्व भाजपा नेता रामसिंह कस्वा ने ग्रामीणों के निवेदन पर बजट स्वीकृत किए जाने की भी घोषणा की थी। लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हुई। एक वर्ष पूर्व निवर्तमान विधायक मनोज न्यांगली ने नए कक्षा-कक्ष के निर्माण के लिए साढ़े छह लाख स्वीकृत किए थे तथा बजट भी आवंटित हो गया एवं निर्माण कार्य भी स्वीकृत हो गया। लेकिन कार्य पूर्ण नहीं हुआ। इस संबंध में संस्था प्रधान भंवर अली ने बताया कि विभागीय अधिकारियों को क्षतिग्रस्त भवन की एवं भवन निर्माण की लिखित जानकारी अनेक बार दी है। लेकिन विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहंी हुई है।
Published on:
11 Jan 2019 05:46 pm
