
churu photo
चूरू.
राजकीय डेडराज भरतिया अस्पताल प्रशासन की ढिलाई का खमियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। कर्मचारियों की आपसी खींचतान व नेताजी की धौंस दिखाने वाले कर्मचारी आए दिन मनमानी कर मरीजों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसी ही मनमानी का एक मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक आठ जून की रात करीब 11.30 बजे आपातकालीन स्थिति में प्रसूता का ऑपरेशन करना पड़ा। लेकिन जब मातृ एवं शिशु अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर ले गए तो उसकी चाबी नहीं मिली। थिएटर प्रभारी शिवलाल से संपर्क किया तो पता चला की चाबी संविदाकर्मी के पास है। अस्पताल से कर्मचारी संविदाकर्मी किरन के घर गए लेकिन उसने न तो घर का दरवाजा खोला और न ही चाबी दी। ऐसे में प्रसूता थिएटर के बाहर तड़पती रही।
उप नियंत्रक डा. जेपी महायच से वार्ताकर प्रसूता के साथ आए संतोष महनसरिया व अन्य कर्मचारियों ने थिएटर प्रभारी शिवलाल की मौजूदगी में ताला तोड़ा। प्रसूता को ऑपरेशन थिएटर में ले गए और डा. अनिता सहारण ने ऑपरेशन कर प्रसव कराया। महनसरिया ने बताया कि तारानगर निवासी प्रसूता मोनिका को तारानगर सीएचसी से रैफर किया गया था। प्रसूता भरतिया अस्पताल में आठ बजे पहुंच गई थी। जांच होने के बाद डॉक्टरों ने कहा कि सिजेरियन प्रसव कराना पड़ेगा। चूंकि महिला के पहले भी सिजेरियन प्रसव हुआ था।
तीन चाबी तीनों गायब
ऑपरेशन थिएटर की तीन चाबी हैं। एक चाबी नर्सिंग स्टाफ, दूसरी ऑपरेशन थिएटर प्रभारी तथा तीसरी चाबी चपरासी के पास रहती है। लेकिन उस रात एक भी चाबी नहीं मिली। जो चाबी प्रभारी के पास होनी चाहिए थी वह संविर्दाकर्मी किरन के पास थी। रात को बुलाकर ताला तोड़कर ऑपरेशन करवाया लेकिन इतनी बड़ी लापरवाही के बावजूद अस्पताल प्रशासन ने संबंधित स्टाफ पर कोई कार्रवाई नहीं की।
&आठ जून की रात ऑपरेशन थिएयटर की चाबी नहीं मिलने पर ताला तुड़वाकर प्रसव करवा दिया था। लेकिन लापरवाही करने पर थिएटर प्रभारी शिवलाल व संविदाकर्मी किरन को नोटिस दिया गया है।
डा. जेएन खत्री, अधीक्षक, डीबी अस्पताल, चूरूड्ड
Published on:
19 Jun 2018 12:23 pm
