
चूरू। हाई प्रोफाइल गैंगस्टर आनन्दपाल एनकाउंटर मामले में मंगलवार को 149 दिन बाद चूरू जिला एवं सेशन न्यायालय में सुनवाई शुरू हो गई। जिला एवं सेशन न्यायाधीश योगेन्द्र कुमार पुरोहित ने नौ अगस्त को एपी के परिवार की ओर से पेश की गई करीब 35 पन्नों की पत्रावली का अध्ययन किया।
केस डायरी सहित अनुसंधान रिपोर्ट पेश करने का आदेश
आनंदपाल की पत्नी राजकंवर के अधिवक्ता गोवर्धन सिंह व अधिवक्ता महेशप्रताप सिंह ने करीब एक घंटे तक मामले में बहस की। परिवादी के वकीलों की दलील सुनने के बाद डीजे ने 30 नवंबर तक राज्य सरकार से जवाब मांगते हुए केस डायरी सहित अनुसंधान रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।
मामला सीबीआई के अधीन होने की बात कहते हुए सुनवाई से इनकार
एडवोकेट गोवर्धन सिंह ने बताया कि नौ अगस्त को डीजे कोर्ट में प्रार्थना पत्र पेश कर एनकाउंटर में शामिल पुलिस अधिकारियों व पुलिस पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी, लेकिन उस समय न्यायालय ने मामला सीबीआई के अधीन होने की बात कहते हुए सुनवाई से इनकार कर दिया था।
इसके बाद डीजे कोर्ट के फैसले के खिलाफ जोधपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सीबीआई जांच व दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की गई।लेकिन सीबीआई ने 12 अक्टूबर को तर्क दिया कि मामले में जांच के कोई आधार नहीं बनते। इसलिए जांच नहीं की जा सकती।
इस पर हाईकोर्ट ने परिवादी को निचली अदालत (डीजे कोर्ट) में पुन: परिवाद दायर करने के लिए स्वतंत्र बताया। इसके बाद 26 नवंबर को डीजे कोर्ट में परिवाद पेशकर सुनवाई की मांग की गई।
परिवादी वकीलों ने उक्त साक्ष्य पेश करने की मांग की
वकील महेश प्रतापसिंह ने बताया कि हरियाणा पुलिस, नागौर पुलिस, एसओजी व चूरू पुलिस के बीच फोन पर हुई वार्ता व हरियाणा से जिन रास्तों होकर मालासर पहुंचे उसके बीच आने वाले टोल नाकों की सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने की मांग की।
Published on:
22 Nov 2017 08:16 am
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