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बड़ी खबर : इस घर में 7 माह बाद भी इसलिए मौजूद हैं आनंदपाल पर दागी गई गोलियां के निशान

Anandpal encounter : सीबीआई टीम ने आनंदपाल एनकाउंटर स्थल मालासर के श्रवण सिंह राजपूत के मकान का करीब 5 घंटे तक मौका मुआयना किया।

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रतनगढ़. कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल का राजस्थान पुलिस ने 24 जून 2017 को एनकाउंटर कर दिया था। एनकाउंटर को आठ महीने होने को आए, मगर रतनगढ़ तहसील के गांव मालासर स्थित श्रवण सिंह राजपूत के इस घर में आनंदपाल के एनकाउंटर के दौरान दागी गई गोलियां के निशान अभी भी मौजूद है।

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इस मामले में सोमवार को सीबीआई की टीम चूरू जिले की रतनगढ़ तहसील के गांव मालासर पहुंची। सीबीआई टीम ने आनंदपाल एनकाउंटर स्थल मालासर के श्रवण सिंह राजपूत के मकान का करीब 5 घंटे तक मौका मुआयना किया।

इस दौरान सीबीआई टीम के साथ एसओजी की टीम भी थी। एफएसल की टीम व एसओजी की टीम ने आनन्दपाल जिस कमरे में रुका था, उसकी दीवार पर लगे गोलियों के निशान की बारिकी से जांच कर उन निशानों का मापदंड लिया।

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उन्होंने अपने साथ आए कैमरामैन से घटनास्थल व गोलियों के निशान एवं जहां से गोली मारी गई थी, उससे कमरे की दूरी सहित कई वीडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी भी करवाई।

इस दौरान मौके पर मौजूद आनंदपाल के शव का पोस्टमार्टम करने वाली रतनगढ़ चिकित्सकों की टीम को भी घटनास्थल पर बुलाकर 5 घंटे तक साथ रखकर हर पहलू पर पूछताछ की गई।

टीम ने गोली चलने के स्थल से आनन्दपाल के कमरे तक की दूरी के भी पूरे माप दंड लिए। फोरेंसिक लैब दिल्ली के विज्ञान अधिकारी भी इस दौरान मौजूद थे। जांच करने आए सीबीआई टीम के एएसपी आर के शुक्ला, इसी टीम के डीएसपी एसएस रावत, रतनगढ़ डीएसपी नारायणदान सहित करीब दो दर्जन अधिकारी मौजूद थे।

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सोमवार सुबह 10.30 बजे मालासर पहुंची सीबीआई टीम के साथ पांच गाडिय़ों में करीब दो दर्जन अधिकारी व कार्मिक थे। टीम में रतनगढ़ से चिकित्सक डा.संजय स्वामी, डा.राकेश गौड़ व एफएसएल के चिकित्सक आर.सचदेवा भी थे। इनसे आनन्दपाल के पोस्टमार्टम संबंधी विभिन्न प्रकार की पूछताछ की गई। आनन्दपाल के कमरे व दीवारों पर लगे गोलियों के निशान को चिह्नित कर उनके आकार के नाप लिए गए।

आनन्दपाल जिस श्रवण सिंह के घर में ऊपर के कमरे में रुका था, उस कमरे की पूरी बारिकी से जांच की गई और श्रवणसिंह के घर में घुसने से लेकर ऊपर जाने तक के एवं पिछवाड़े में जहां आनन्दपाल की गाड़ी खड़ी थी। वहां तक की वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी कराई गई। हालांकि पूरी टीम ने किसी प्रकार की जानकारी देने से गोपनीय जांच का कहकर इनकार कर दिया और कोई वक्तव्य नहीं दिया।


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