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सादुलपुर.
आपराधिक गतिविधियों की रोकथाम के लिए लगभग बीस वर्ष पहले रेलवे स्टेशन के पास शहर पुलिस चौकी खोली गई थी। लेकिन पर्याप्त स्टॉफ एवं आवश्यक व्यवस्थाओं के चलते पुलिस चौकी का आमजन को फायदा नहीं मिल रहा है। लोगों का कहना है कि रेलवे स्टेशन होने के कारण दिन-रात यात्रियों का आवागमन बना रहता है तथा पूरी रात स्टेशन पर चहल-पहल रहती है। इस संबंध में अनेक लोगों तथा सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं का कहना है कि अपराधिक गतिविधियों एवं शराब तस्करी जैसे मामलों की रोक थाम के लिए पुलिस चौकी में पर्याप्त स्टॉफ एवं आवश्यक संसाधन होना जरूरी है। रेलवे स्टेशन पुलिस चौकी में टेलीफोन नहीं है। चौकी में स्टॉफ के लिए पर्याप्त फर्नीचर एवं आवश्यक सुविधाओं का भी अभाव है। पुलिस प्रशासन की ओर से १-६ का स्टॉफ स्वीकृत है। लेकिन एक एएसआई तथा चार कांस्टेबलों की कमी चल रही है। हाल यह है कि चौकी शुरू होने के बाद भवन में रिपेयरिंग एवं रंग-रोगन भी नहीं किया गया। जगह-जगह से भवन क्षतिग्रस्त हो रहा है। भवन को पुलिसकर्मी काम में भी लेते हैं। उसमें रहते भी हैं, पानी-बिजली की व्यवस्था भी है। लेकिन स्टॉफ एवं व्यवस्था अभाव में आमजन को जरुरत के समय पुलिस मदद मिलना संभव नहीं है। वहीं अनेक होटल संचालकों का कहना है कि पुलिस चौकी में स्टॉफ की बढ़ोतरी एवं आवश्यक सुविधा अभाव में अनेक बार पुलिस थाने में ही सूचना देनी पड़ती है। बालचंद सुराणा की ओर से निर्मित भवन में दस मार्च १९९८ को
जसवंत संपत्तराम उप महानिरीक्षक पुलिस बीकानेर ने चौकी का शुभारंभ किया था।
रेलवे स्टेशन पर आवागमन करने वाले यात्रियों एवं होटल संचालकों तथा आमजन के लिए चौकी महत्वपूर्ण है।प्रशासन को चौकी में आवश्यक संसाधनोंं के साथ स्टॉफ की पूर्ति करना जरूरी है।
प्रीतम शर्मा, एडवोकेट, सादुलपुर
इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत करवाकर रिक्त पदों की आपूर्ति कर पुलिस चौकी को सुचारू रूप से शुरू करने का प्रयास करेंगे।
भगवानसहाय मीणा, थानाधिकारी, सादुलपुर
Published on:
19 Jun 2018 10:59 pm
