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सरदारशहर.
तहसील के गांव रामसीसर भेड़वालिया में शनिवार को ननद व भाभी के बीच हुए नींबू शिकंजी के विवाद ने दो बच्चों की जान ले ली। भाभी सुनीता व ननद मंजू व मांगी में अनबन होने के बाद भाभी सुनीता (25) अपने दो मासूम बच्चों को लेकर घर में बनी कुंड में कूद गई। पानी में डूबने से दोनों बच्चों की मौत हो गई जबकि कुंड में पानी कम होने के कारण सुनीता की जान बच गई। घटना के बाद घर में कोहराम मच गया। वहीं पुलिस ने महिला सुनीता को हिरासत में ले लिया है।
सूचना मिलने पर घर पहुंचे परिजनों ने विवाहिता सहित दो बच्चों के शवों को कुंड से बाहर निकाला। परिजनों ने बिना पुलिस को बताए दोनों बच्चों के शवों को दफना दिया। लेकिन इसी दौरान किसी ग्रामीण ने घटना की सूचना पुलिस को दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने एसडीएम मूलचंद लूणिया के आदेश पर दोनों मासूम बच्चों के शवों को बाहर निकलवाकर राजकीय अस्पताल में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया।
थानाधिकारी पुष्पेन्द्र झाझडिय़ा ने बताया कि रामसीसर भेड़वालिया निवासी रामचंद्र कड़वासरा अपने परिवार के साथ खेत में ढाणी बनाकर रहता है। शनिवार को रामचंद्र की बेटी के प्रसव होने के कारण बेटे रामनिवास, पत्नी व खुद सरदारशहर स्थित राजकीय अस्पताल में गए थे। घर में बेटे रामनिवास की पत्नी सुनीता (25), उसकी ननद मंजू व मांगी ढाणी में थी। रात में किसी समय नींबू की शिकंजी को लेकर सुनीता व ननद मंजू तथा मांगी के बीच अनबन हो गई। इसके बाद आक्रोशित सुनीता ने ढाई वर्षीय पुत्र संदीप उर्फ शंकर व सात माह की पुत्री रक्षा उर्फ धापी को लेकर कुंड में कूद गई। पानी में डूबने से संदीप उर्फ शंकर व रक्षा उर्फ धापी की मौत हो गई। वहीं कुंड में पानी कम होने के कारण सुनीता बच गई।
सुबह पहुंचे पीहर पक्ष के लोग
घटना की सूचना रामचंद्र कड़वासरा ने सुनीता के पीहर पक्ष को दी। तब रविवार सुबह पीहर पक्ष के लोग गांव पहुंचे। बिना पुलिस को सूचना दिए दोनों बच्चों को दफना दिया गया।
पीहर पक्ष के साथ चली गई थी सुनीता
कुछ समय के आक्रोश के चलते दो मासूम बच्चों की जान लेने वाली सुनीता रविवार को पीहर पक्ष के लोगों के साथ पीहर मेलूसर चली गई जिसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
नहीं मिलने पर हुआ शक
रात करीब साढ़े दस बजे जब रामचंद्र व रामनिवास ढाणी में आए तब सुनीता व दोनों बच्चे नहीं मिलने। जिनको ढाणी में इधर-उधर तलाश किया। इसी दौरान कुंड में झांककर देखा तो सुनीता व दोनों बच्चे कुंड में थे। परिवार के सदस्यों की सहायता से तीनों को बाहर निकाला। लेकिन तब तक दोनों मासूम बच्चों की जान जा चुकी थी।
बुआ के साथ सोने के कारण बच गई बड़ी पुत्री
रामनिवास के दो पुत्री व एक पुत्र है। जिनमें सबसे बड़ी सात वर्षीय जसोदा, ढाई वर्षीय संदीप उर्फ शंकर व सात माह की रक्षा उर्फ धापी थी। घटना के समय जसोदा अपनी बुआ के साथ सो रही थी। इसके चलते उसकी जान बच गई। अन्यथा उसके साथ भी कुछ अनहोनी हो सकती थी।
दफना दिए थे दोनों शव
घटना की सूचना रविवार सुबह गांव के किसी व्यक्ति ने पुलिस को दी। इस पर एसडीएम मूलचंद लूणिया, तहसीलदार बीरबलनाथ सिद्ध, डीएसपी रघुवीर शर्मा व थानाधिकारी पुष्पेन्द्र झाझडिय़ा पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों के सहयोग से दोनों बच्चों के शवों को बाहर निकलवाकर राजकीय अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिए। पुलिस ने एसआई मलकीत सिंह की रिपोर्ट पर महिला सुनीता के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच थानाधिकारी झाझडिय़ा कर रहे हैं।
Published on:
18 Jun 2018 11:34 am
