बूथों पर बढ़त बनाने की चुनौती, भाजपा से कम नहीं कांग्रेस, जानिए कहां कौन आगे, कौन पीछे

बूथों पर बढ़त बनाने की चुनौती, भाजपा से कम नहीं कांग्रेस, जानिए कहां कौन आगे, कौन पीछे

Rakesh gotam | Publish: Sep, 04 2018 11:32:32 AM (IST) Churu, Rajasthan, India

लोकतंत्र के रण में अपने को साबित करने में जुटे धुरंदरों की सक्रियता विधानसभा क्षेत्रों में बढ़ गई है। इस बार इनका पूरा फोकस बूथ को और अधिक मजबूत बनाकर चुनाव जीतना है।

चूरू.

लोकतंत्र के रण में अपने को साबित करने में जुटे धुरंदरों की सक्रियता विधानसभा क्षेत्रों में बढ़ गई है। इस बार इनका पूरा फोकस बूथ को और अधिक मजबूत बनाकर चुनाव जीतना है। चाहे कांग्रेस हो या भाजपा दोनों दल बूथवार समीक्षा कर स्थिति सुधारने में लगे हैं। दोनों ही प्रमुख पार्टियां वर्ष 2018 के चुनावी महासंग्राम में कोई भी मौका हाथ से नहीं जाना देना चाहती। जिले की बात करें तो कई बूथ ऐसे हैं जिनमें एक ही पार्टी का दबदबा रहा। लेकिन कई बूथ ऐसे भी नजर आए जहां दूसरी पार्टी दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर पाई। ऐसे बूथों को लेकर पेश है रिपोर्ट।

 

भाजपा:

चूरू विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या छह पर भाजपा प्रत्याशी राजेन्द्र राठौड़ को ८९० मत मिले। जबकि कांग्रेस प्रत्याशी हाजी मकबूल मंडेलिया को 101 मत मिले। यहां कुल 1026 मत डाले गए थे। बूथ नंबर 24 पर भाजपा प्रत्याशी को 1070 मत मिले। यहां कांग्रेस प्रत्याशी को केवल 75 मत मिले। यहां 1181 मत डाले गए थे। बूथ नंबर 40 पर भाजपा, कांग्रेस से ज्यादा मजबूत रही। भाजपा को 937 मत व कांग्रेस को २१५ मत मिले। कुल 1173 मत वैद्य पाए गए थे। बूथ 42 पर भाजपा को 914 , कांग्रेस को 47 मत मिले। बूथ संख्या 115 पर भाजपा ने 930, कांग्रेस को 162 मत मिले।

कांग्रेस:

चूरू विधानसभा क्षेत्र के बूथ चार पर कांग्रेस की बेहतर स्थिति रही। कांग्रेस को 641, भाजपा को 520 मत मिले। बूथ 23 पर कांग्रेस को 531 मत, भाजपा को ४७३ मिले। बूथ 93 पर कांग्रेस ने 636 और भाजपा को 291 मत हासिल किए। बूथ 123 पर कांग्रेस ने 683 मत हासिल किए। भाजपा को 163 मतों पर ही संतोष करना पड़ा। बूथ 152 पर कांग्रेस ने 667, भाजपा ने 173 मत हासिल किए। यहां कुल 866 मत पड़े।

 

यथास्थिति बरकरार


खण्डवा पटटा के उदाराम ने बताया कि वर्तमान में यहां भाजपा व कांग्रेस की यथा स्थिति है। सरकार के प्रति नाराजगी का लाभ कांग्रेस को मिल सकता है। दोनों ही दलों के नेता क्षेत्र में सक्रिय हैं। इसी प्रकार बालरासर आथूण के रामूराम ने बताया कि गांव के इस बूथ पर कांग्रेस की स्थिति बेहतर रही है। यदि प्रत्याशियों में बदलाव होता है तो यहां के चुनावी समीकरण भी बदलेंगे।

 

बूथ को लेकर संघर्ष:


सादुलपुर में भाजपा -कांग्रेस के लिए राह आसान नहीं है। यहां बसपा के वर्तमान में विधायक हैं और वे प्रत्येक बूथ पर पकड़ बनाने में जुटे हैं। जिन बूथों पर बसपा कमजोर थी आज वहां बेहतर स्थिति है। कुछ बूथों पर कांग्रेस और कुछ पर भाजपा ने बढ़त बनाई है। रतनगढ़ में जिन बूथों पर भाजपा कमजोर थी वहां स्थिति सुधरी है। कांग्रेस ने बढ़त बनाई है। सुजानगढ़ में भाजपा बूथ पर फोकस कर रही है। सरदारशहर में कांग्रेस कुछ बूथों पर कमजोर हुई है। तारानगर में जिन बूथों पर भाजपा-कांग्रेस ने पिछले चुनावों में बेहतर प्रदर्शन किया था। वर्तमान में इन बूथों पर स्थिति को बेहतर नहीं कहा जा सकता है।

 

व्यक्तिगत जुड़ाव व जातिगत समीकरणों ने बढ़ाया मतदान


जिले में जिन बूथों पर जिस पार्टी के पक्ष में मतदान अधिक हुआ है। वहां प्रत्याशियों के व्यक्तिगत जुड़ाव और जातिगत समीकरणों के कारण मतदान बढ़ा है। जिन स्थानों पर कांग्रेस को सर्वाधिक मतदान मिले हैं। वे कांग्रेस का निश्चित और व्यक्तिगत प्रभाव वाले वोट थे। खडवा पटटा, बालरासर आथुण, नानी बाई मड़दा, जैनश्वेतांबर स्कूल और राउप्रावि नंबर १५ में बनाए गए बूथ शामिल हैं। वहीं भाजपा के व्यक्तिगत प्रभाव वाले बूथ कोटवाद ताल, कुणसीसर, रामपुरा बास जसरासर, घंटेल और धानुका धर्मशाला में बनाए गए बूथ भाजपा के प्रभाव में है।यहां भाजपा ने शानदार बढ़ोतरी दर्ज की है।

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