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नगर परिषद प्रशासन पॉलीथिन जब्त कर नहीं करता चालान

नगर परिषद प्रशासन समय-समय पर अभियान चलाकार बाजारों में प्रतिबंधित पॉलीथिन जब्त तो करता है।
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नगर परिषद प्रशासन पॉलीथिन जब्त कर नहीं करता चालान

सुजानगढ़. नगर परिषद प्रशासन समय-समय पर अभियान चलाकार बाजारों में प्रतिबंधित पॉलीथिन जब्त तो करता है। मगर दोषियों के विरुद्ध कोर्ट में चालान पेश नहीं करता। नतीजन अब तक सरकार के लाख प्रयासों के बावजूद प्रतिबंधित पॉलीथिन के उपयोग पर रोक नहीं लग सकी है। परिषद की इस कार्यशैली का नतीजा ये है कि प्रतिबंधित पॉलीथिन जब्त होने के एक-दो घंटे बाद ही दुकानदार वापस पॉलिथीन में सामान बेचना शुरू कर देते हैं। नगपरिषद का अभियान या कार्रवाईकागजी बनकर रह जाती है। स्वायत्त शासन विभाग ने नगरीय निकायों को पॉलीथिन जब्त करने के आदेश दे रखे हैं। प्रतिमाह जब्त की जाने वाली पॉलीथिन की रिपोर्टभी देनी पड़ती है। इसलिए नगर परिषद प्रशासन का विशेष दस्ता सप्ताह में एक या दो दिन सब्जी मंडी, किराना सहित अन्य दुकानों पर जाकर खानापूर्ति के लिए कार्रवाई कर देता है। परिषद की ओर से 10 अप्रेल को पांच हाथ ठेला चालकों व दुकानदारों से करीब 20 किलो पॉलीथिन जब्त की गई। इसी प्रकार बीते वर्ष करीब चार दर्जन दुकानदारों व हाथ ठेला चालकों से सैकड़ों किलो पॉलीथिन जब्त की गई। लेकिन पॉलीथिन बेचने वालों व इनमें सामान बेचने वाले एक भी व्यक्ति के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश नहीं किया गया है।

तीन माह कैद व जुर्माने का है प्रावधान
यदि कोई पॉलीथिन में डालकर वस्तु बेचते पकड़े जाने पर संबंधित के खिलाफ नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा 258 के तहत न्यायालय में चालान पेश किया जाता है। इसमें तीन माह की कैद व एक हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान है।

कार्रवाई से पहले मिल जाती है सूचना
नगपरिषद के अधिकारियों का कहना है कि दुकानदारों व सब्जी वालों के पास थोड़ी बहुत पॉलीथिन मिलती है। ऐसे में हॉलसेल में व्यापार करने वालों को पकडऩे की कई बार योजना बनाई गई। जब भी हॉलसेल पॉलीथिन बेचने वाले दुकानदार या किराना की दुकान पर जाते हैं। तो टीम की सूचना पहले ही मिल जाने से वे भाग जाते हैं। या पॉलीथिन इधर-उधर कर देते है।


नहीं नष्ट करते पॉलीथिन
बाजार में कार्रवाईके दौरान जब्त की जाने वाली प्रतिबंधित पॉलीथिन को नष्ट करने या फिर सीमेंट फैक्ट्री में देने का प्रावधान है। परिषद की ओर से पॉलीथिन जब्त तो कर ली जाती है। मगर इन्हें ना तो नष्ट किया जाता है और ना ही अब तक सीमेंटफैक्ट्रियों में दी गई है।


इनका-कहना
मैं अभी नया हूं। मेरे आने के बाद एक बार कार्रवाई की गई है। यहां सीमेंट फैक्ट्री न होने के कारण जब्त की गई थैलियो को डम्पिंग यार्ड में दबाकर नष्ट करने की कार्रवाईकी जाएगी।
बसंतकुमार माली, आयुक्त
नगरपरिषद सुजानगढ़