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तारानगर.
पेयजल की मांग को लेकर गांव गोड़ास व ढाणी आशा के ग्रामीणों ने सोमवार सुबह जलदाय विभाग के अधिकारियों का घेराव किया। इस दौरान वे कार्यालय के आगे धरना पर बैठ गएा। जब एक्सईएन सुरेश बत्रा, एईएन प्रकाश चौधरी व जेईएन लोके शर्मा कार्यालय पहुंचे तो ग्रामीणों ने उन्हें भी वहीं पर बैठा लिया। तथा घेराव का पेयजल समस्या के निराकरण की मांग करने लगा। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले करीब चार माह से दोनों गांवों में पेयजल की भारी किल्लत चल रही है ै। गांव गोडा व ढाणी आशा में केवल तीस मिनट ही पानी दिया जा रहा है। जबकि नजदीक के गांव आनंदसिंह पुरा व करणपुरा में पेयजल आपूर्ति चार से पांच घंटे तक की जा रही है। गांव पंप चालक सप्लाई में अनियमितता बरत रहे हैँ। गोडास में २७० व आशा ढाणी में २५० घरों की आबादी है। वहां लोगों को मजबूरी में बोरवेल का खारा पानी खरीद कर पीना पड़ रहा है। उन्होंने करणपुरा कलस्टर की एसआर टंकी से उनके गांव में सप्लाई बढ़ाने की मांग की। करीब सवा घंटे चले घेराव व धरना-प्रदर्शन के बाद अधिशासी अभियंता सुरेश बत्रा ने दोनों गांवों की पेयजल समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया इस पर ग्रामीणों ने प्रदर्शन समाप्त किया। प्रदर्शन करने वालों में ताराचंद कस्वा, प्रताप मेघवाल, सवाईसिंह, सुल्तानसिंह, सीताराम, हरिकृष्ण, मनीराम, च्यानणमल आदि शामिल थे।
पेयजल किल्लत को लेकर प्रदर्शन
सालासर.निकटवर्ती ग्राम बड़ा खारिया में एक माह से लोगों के घरों में पीने का पानी नहीं पहुंच रहा है। इस किल्लत के चलते ग्रामीणों ने सोमवार को गांव में जलदाय विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। महिला प्रेम कंवर ने बताया कि एक माह से गांव में पेयजल नहीं आ रहा है। तेज गर्मी में दो-तीन किलोमीटर पैदल चलकर पानी लेकर आना पड़ रहा है। इस बारे में जलदाय विभाग को कई बार अवगत कराया गया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। गांव गुडावड़ी के ग्रामीणों ने बताया कि पीने का मीठा पानी पिछले पन्द्रह दिन से नहीं आ रहा है। इसी के साथ एक पखवाड़े से गांव के कुएं की मोटर भी जली हुई है। वह भी ठीक नहीं हुई है।
Published on:
19 Jun 2018 03:17 pm
