
churu photo
चूरू.
लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सुपारी किलर संपत नेहरा का अगला निशाना सादुलपुर के गांव पहाड़सर का निलंबित पुलिस कांस्टेबल नरेंद्र पहाड़सर था। इसका खुलासा हिसार एसटीएफ की ओर से की गई पूछताछ में संपत नेहरा ने किया है। हरियाणा एसटीएफ हिसार के इंचार्ज इंस्पेक्टर प्रदीप यादव ने बताया कि संपत नेहरा ने पूछताछ में इसकी पुष्टि की है। नरेन्द्र पहाड़सर अजय जैतपुरा का दोस्त है। यदि नरेंद्र पहाड़सर को पुलिस सुरक्षा नहीं मिली होती तो अब तक उसकी हत्या कर दी जाती। लेकिन पुलिस सुरक्षा के चलते संपत ऐसा नहीं कर पाया। निलंबित कांस्टेबल नरेंद्र पहाड़सर हनुमानगढ़ जिले में कार्यरत था। वह किसी प्रकरण में काफी समय से निलंबित चल रहा है। नेहरा की ओर से जान से मारने की धमकी दिए जाने के कारण नरेन्द्र को पुलिस सुरक्षा प्रदान की हुई है। फिलहाल संपत नेहरा को हरियाणा के यमुना नगर में पूर्व विधायक के भाई को गोली मारने के मामले में पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। जहां उससे यमुना नगर की पुलिस पूछताछ कर रही है।
जप्त किए पांच हथियार व कारतूस
एसटीएफ के हिसार इंचार्ज अ ने बताया कि रिमांड अवधि के दौरान पूछताछ के बाद संपत की निशानदेही से एक विदेशी पिस्टल, एक रिवॉल्वर, दो देशी कट्टा व दो दूनाली बंदूक और करीब दस जिंदा कारतूस भी जप्त किए हंै। जप्त किए गए पांच हथियारों में से तीन विदेशी हथियार हैं, जिनकी कीमत करीब १५ लाख रुपए बताई जा रही है। जिस तकनीक के हथियार नेहरा के पास से जप्त किए हंै वह शायद हरियाणा पुलिस के पास भी नहीं है।
कौन है नरेंद्र पहाड़सर
सादुलपुर तहसील के गांव पहाड़सर निवासी नरेंद्र सहारण को चूरू जिले के शराब तस्करी के किसी मामले में वर्ष२००६ में सरकारी सेवा से बर्खास्त किया था। जिसे बाद में न्यायालय ने बहाल कर दिया। मगर विभागीय जांच अभी भी जारी है। जिसके चलते आज भी नरेंद्र पहाड़सर निलंबित चल रहा है। उस समय नरेंद्र हनुमानगढ़ जिले के भादरा पुलिस थाना में पोस्टिंग थी। जिसका अजमेर भर्ती से पुलिस सेवा में चयन हुआ था।
एक साल से नहीं हुई प्रेमिका से बात
रिमांड अवधि के दौरान संपत ने खुलासा किया कि करीब एक वर्ष पहले उसकी गैंग के सदस्य टीनू को पुलिस ने उसकी प्रेमिका के माध्यम से पकड़ लिया था। इसके बाद से ही प्रेमिका से बात नहीं हुई। वह परिजनों से भी वह विदेशी नंबरों से बात करता था।
गैंग के साथ नेपाल घूमने गया था नेहरा
नेहरा से पूछताछ में सामने आाय कि कुछ माह पहले वह गैंग के सदस्यों के साथ पांच दिन के लिए नेपाल घूमने गया था। जहां से आने के बाद साथियों के साथ मिलकर सादुलपुर तहसील के गांव पहाड़सर निवासी नरेंद्र पहाड़सर, पंजाब के व्यापारी रम्मी, कोताना के छोटू व पंचकूला के व्यापारी भूषण सहित आठ जनों को मौत के घाट उतारने वाला था।
Published on:
24 Jun 2018 11:58 am
