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10 वीं के परिणाम में पहली बार निजी से आगे रहे सरकारी स्कूल

मिशन-100
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चूरू.

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से घोषित 10वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में चूरू-झुंझुनूं जिलों के सरकारी स्कूलों ने इस बार निजी स्कूलों को पीछे छोड़ दिया। ये संभव हुआ कार्यालय उप निदेशक माध्यमिक शिक्षा चूरू की ओर से नवाचार के रूप में शुरू किए गए मिशन-100 की सफलता की बदौलत। शिक्षा अधिकारियों की मानें तो गत करीब 10 वर्षों में ऐसा पहली बार हुआ कि सरकारी स्कूल परीक्षा परिणाम में निजी से आगे रहे हैं। हालांकि सीकर का परिणाम निजी स्कूलों से थोड़ा कम रहा है। इतना ही नहीं इस बार गत वर्षसे 123 ज्यादा सरकारी स्कूलों ने परीक्षा परिणाम 90 फीसदी दिया है। अकेले चूरू ने गत वर्ष के ओवर ऑल 80.40 प्रतिशत की जगह इस वर्ष86.33प्रतिशत परिणाम हासिल कर राज्य में सातवें से इस बार छठा स्थान हासिल किया है।झुंझनूं ने गत वर्षके ओवर ऑल 86.88 प्रतिशत से इस बार 87.19 प्रतिशत परिणाम हासिल कर राज्य में पहला स्थान हासिल किया है। इसके अलावा गत वर्ष जहां शेखावाटी के 322 सरकारी स्कूलों का परीक्षा परिणाम 90 फीसदी रहा था। इस बार ऐसे विद्यालयों की संख्या ४४५ है।

ये है मिशन-१००
कार्यालय उप निदेशक माध्यमिक शिक्षा चूरू की ओर से १०वीं कक्षा के विद्यार्थियों के शैक्षिक उन्नयन के लिए मिशन-100 चलाया गया था। इसके तहत शिक्षकों से सभी विषयों के पाठ्यक्रम का ब्लू प्रिंट तैयार करवाया गया।इस प्रिंटके आधार पर शिक्षण के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। बाद में शीतकालीन अवकाश के दौरान चूरू, सरदारशहर, सीकर के ढांढ़ण व झुंझुनूं के बिसाऊ में मेधावी विद्यार्थियों के लिए संबलन शिविर लगाकर अध्ययन करवाया गया। मॉडल पेपर व शिक्षण सामग्री तैयार कर स्कूलों में भेजकर विद्यार्थियों को तैयारी करवाई गई। फरवरी माह में बोर्ड पैटर्न पर प्री-बोर्ड परीक्षा आयोजित कर विद्यार्थियों का मूल्यांकन किया गया। इसमें कमजोर रहे बच्चों को विशेष तैयारी करवाई गई।

एक नजर परीक्षा परिणाम पर
जिला सरकारी निजी
चूरू 83.64 83.33
झुंझुनूं 87.72 86.93
सीकर 85.02 87.88

शेखावाटी के स्कूलों में इस बार नवाचार के रूप में लागू किया गया मिशन-100 शिक्षकों व कर्मचारियों की मेहनत के दम पर काफी हद तक सफल रहा है। संभवतया पहली बार सरकारी स्कूल निजी स्कूलों से आगे रहे हैं।
महेंद्र कुमार चौधरी,
उप निदेशक कार्यालय उप निदेशक माध्यमिक शिक्षा, चूरू

इस बार मिशन-100 को जल्दी लागू किया जाएगा। ताकि बच्चों को तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
सोमेश शर्मा,
शैक्षिक प्रकोष्ठ अधिकारी कार्यालय उप निदेशक माध्यमिक शिक्षा, चूरू