
यहां एक ऐसा स्कूल जहां पर विद्यार्थी तो है प्रयोगशाला नहीं
चूरू. राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भालेरी शिक्षा विभाग व सरकार की अनदेखी का शिकार हो रहा है। यहां 11वीं व 12वीं में कला व विज्ञान संकाय खोल दिए गए लेकिन कला वर्ग में इतिहास व संस्कृति साहित्य विषय नहीं खोले गए। वहीं विद्यालय में प्रयोगशाला के लिए भवन भी नहीं है। टिकरिंग लैब भी खुलने वाली है लेकिन इसके लिए भी कमरा नहीं है। विद्यार्थियों की संख्या के मुताबिक यहां स्टाफ भी बढ़ाने की जरूरत है। जानकारी के मुताबिक विज्ञान संकाय में 70 व कला संकाय में 183 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। लेकिन विद्यार्थियों के लिए प्रयोगशाला नहीं है। विद्याुलय में भूगोल व्याख्याता, कनिष्ट सहायक प्रधानाचार्य, वरिष्ठ शाीरीरिक शिक्षक, एलडीसी का पद रिक्त है। चार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की जरूरत है लेकिन दो ही कार्यरत हैं। रात में ड्यूटी के लिए कर्मचारी नहीं है। चतुर्थ श्रेणी का पद बढ़ाने की जरूरत है। विषम परिस्थितियों में भी स्कूल के मौजूद स्टाफ की बदौलत १०वीं में एक छात्र ने सर्वाधिक 93.20 प्रतिशत परिणाम लाया था साथ ही स्कूल का अच्छा परिणाम रहा। इसके बाद यहां पर लगातार संख्या बढ़ती जा रही है। ऐसे में विद्यालय में उक्त जरूरतों को पूरा किया जाता है तो यहां विद्यार्थियों की संख्या बढऩे के साथ शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार हो सकता है। वर्तमान समय में विद्यालय में करीब ९२४ विद्यार्थी यहां पंजीकृत हैं।
एक-एक कमरे में चल रही लैब
विद्यालय में व्यावसायिक शिक्षा के अतंर्गत दो ट्रेड संचालित हो रहे हैं। जिनकी प्रयोगशाला के लिए भी लैब नहीं हैं। एक ही कमरे में लैब व कक्षाएं संचालित हो रही हैं। फिजिक्स व कमेस्ट्री की लैब एक छोटे कमरे में चल रही है। इसी प्रकार बॉयोलॉजी की कक्षा व लैब एक ही कमरे में है। इसके कारण विद्यार्थी व छात्र दोनों परेशान हैं। व्यावसायिक शिक्षा की लैब आईसीटी लैब में चल रही है। एक कक्षा-कक्षा में एमआई की सामग्री आदि को रखा गया है।
मंत्री को लिखा पत्र
&विद्यालय में जो समस्याएं हैं उस बारे में शिक्षा मंत्री को पत्र दिया गया है। विधायक नरेन्द्र बुडानिया को भी अवगत कराया गया है। गांव के सभी लोग सुधार के लिए प्रयास कर रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही समस्याओं का निस्तारण हो जाएगा।
बाबू खान, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष, कांग्रेस ओबीसी प्रकोष्ठ
सभी को अवगत कराया
&तीन कक्षा-कक्ष पांच लैब व तीन कक्षा-कक्ष की जरूरत है। ग्राम पंचायत सरपंच व समसा के अधिकारियों को अवगत काराया। इसके अभाव में किसी तरह व्यवस्था कर चलाया जा रहा है। शीतकालीन अवकाश व दिवाली अवकाश में भी १०वीं व १२वीं की अतिरिक्त कक्षाएं लगा रहे हैं। अध्यापक-अभिावक संघ की ओर से भी शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर सुविधाओं के विस्तार की मांग की गई है।
रामस्वरूप, कार्यवाहक प्रधानाचार्य, राउमावि भालेरी
Published on:
20 Jan 2019 12:16 pm
