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कातर.
प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने की सूचना मिलने के बाद क्षेत्र के बाजार बंद हो गए। इस दौरान अतिक्रमण हटाने आए दल और व्यापारियों के बीच तनातनी भी हो गई। लेकिन बीच बचाव करने पर मामला शांत हो गया। जानकारी के अनुसार पूर्व में स्टेट हाइवे 20 पर कातर बाजार में 183 दुकानदारों को सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से अतिक्रमण हटाने के नोटिस जारी किए गए थे। इस नोटिस में 18 जुलाई को अतिक्रमण हटाने की तिथि निर्धारित की थी। व्यापार मंडल को प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की सूचना मिली तो व्यापारियों ने बाजार बंद रखा एवं सुबह जल्दी मुख्य बस स्टैंड के किनारे टैंट लगाकर प्रशासन के विरोध में बैठ गए। तहसीलदार ओमप्रकाश वर्मा, सानिवि के अधिशासी अभियंता पूर्णराम बुडानिया, सहायक अभियंता विमल कुमार, थानाधिकारी सुरेंद्र कुमार मय पुलिस जाप्ते के साथ बाजार पहुंचे। इस दौरान दल व व्यापारियों के बीच तनातनी हो गई। बाद में बीच-बचाव कर मामले को शांत किया। इस दौरान प्रशासन व व्यापारियों में समझौता वार्ता हुई।अतिक्रमियों ने 60 दिन में स्वयं अतिक्रमण हटाने का समय मांगा। बाद में 45 दिन में अतिक्रमण हटाने पर सहमति बनी। अधिकारियों ने लिखित में
सहमति ली।
कातर बाजार में18 3 दुकानदारों को अतिक्रमण हटाने का नोटिस दिया हुआ है। इनमें 53 दुकानदारों ने न्यायालय द्वारा स्थगन ले रखा है। 11 दुकानदारों ने बिना नोटिस सिविल कोर्ट से स्थगन आदेश लिया है।
ढेरियां हटाओ नहीं तो बिखेर देंगे इस अवसर पर सार्वजनिक निर्माण विभाग अधिशाी अभियंता बुडानिया ने कहा कि बिल्डिंग मैटेरियल के दुकानदारों ने सड़क के किनारे बजरी की ढेरियां रखी हुई है। उनको तुरंत हटाओ। इससे आए दिन हादसे होते हैं। तीन दिन बाद अगर यहां ढेरियां मिली तो ढेरियों को बिखेर दिया जाएगा।
समझौता वार्ता में ये थे शामिल
कातर व्यापार मंडल अध्यक्ष रामनारायण महिया, विवेकानद संस्था निदेशक रामचन्द्र लेघा, जैसाराम, हिम्मताराम महिया, भंवरलाल ढाका, कांग्रेस पर्यावरण नापासर ब्लॉक अध्यक्ष धनाराम कस्वां, सरपंच जगदीश ढाका, मुनिराम सारण, श्रवणराम माचरा शामिल थे।
Published on:
19 Jul 2018 12:54 pm
