
एक साल में बीएसबीवाई में मेडिकल कॉलेज अस्पताल फिसड्डी, निजी मालामाल, चार निजी अस्पताल एक करोड़ की क्लब में शामिल
राकेश कुमार गौतम
चूरू.
सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों व अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना (बीएसबीवाई) का लाभ ना तो मरीजों को मिल पा रहा है और न ही अस्पताल को। 13 दिसंबर से अब तक की रिपोर्ट का आंकलन करने पर निजी व सरकारी अस्पतालों की आय में जमीन व आसमान का अंतर देखने को मिला। 14 सरकारी अस्पतालों ने 97 लाख 90 हजार, 775 रुपए कमाए तो 2४ निजी अस्पतालों ने 11 करोड़, 39 लाख, 89 हजार, 58 5 रुपए कमाए। इससे यह शाबित होता है कि निजी अस्पताल बीएसबीवाई योजना में रुचि नहीं ले रहे। जबकि सरकारी अस्पतालों में निजी से अधिक सर्जन, फिजीशियन, गायनी विशेषज्ञ, बेड सुविधा व अन्य व्यवस्थाएं हैं। लेकिन लोगों को लाभ देने में फिसड्डी साबित हो रहे हैं। वहीं चार निजी अस्पताल एक करोड़ की क्लब में शामिल हो चुके हैं।
जिला अस्पताल में 75 से अधिक विशेषज्ञ व चिकित्साधिकारी कार्यरत हैं। वहीं निजी में सभी को मिलाकर भी इतने दक्ष विशेषज्ञ व स्टाफ नहीं होंगे। फिर भी यहां भामाशाह की स्थिति काफी नाजुक है। एक दर्जन से कम चिकित्सकों वाले निजी चिकित्सालयों जैसे शिवम अस्पताल ने एक साल में एक करोड़ 29 लाख 6640 रुपए कमाया व चौधरी अस्पताल ने एक साल में 97 लाख 81 हजार 520 रुपए कमाया। जबकि मेडिकल कॉलेज से जुड़ा राजकीय डेडराज भरतिया अस्पताल 25 लाख भी कमाई नहीं कर सका। यह स्थिति भरतिया अस्पताल के प्रबंधन, निगरानी व सुविधाओं पर कई सवाल खड़े करती है।
डीबी अस्पताल पर यह भी लगते रहे हैं आरोप
वहीं मेडिकल कॉलेज से जुड़े राजकीय डेडराज भरतिया अस्पताल में कार्यरत कुछ चिकित्सकों व अन्य पर आरोप लगते रहे हैं कि वे खुद यहां से मरीजों को तैयार कर निजी अस्पतालों में भिजवाते हैं और वहां जाकर उनका उपचार करते हैं। इस प्रकार की कई बार शिकायतें आ चुकी हैं। यह भी बात सामने आ चुकी है कि यहां भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना में भर्ती होने वाले मरीजों को निजी अस्पतालों के एजेंट व निजी अस्पतालों से जुड़े लपका सदस्य उन्हे निजी अस्पतालों में ले जाते हैं।
21 डाक्टरों व एक सर्जन में रतनगढ़ ने कमाए 23 लाख
रतनगढ़ उप जिला अस्पताल ने एक सर्जन सहित 21 चिकित्सकों के भरोसे 12 माह में 23 लाख 14 हजार 225 रुपए कमाया और 2522 मरीजों को लाभान्वित किया। वहीं डीबी जिला अस्पताल में करीब एक दर्जन सर्जन सहित 75 से अधिक चिकित्सक हैं यहां 1946 मरीजों को लाभान्वित कर 24 लाख 12 हजार नौ सौ रुपए कमाए गए। सुविधा व स्टाफ की अपेक्षा तुलना की जाए तो डीबी अस्पताल बीएसबीवाई में कई सीएचसी से भी पीछे चला जाएगा।
एक साल में बीएसबीवाई में किसने कितना कमाया, कितने मरीज लाभान्वित
सरकारी अस्पतालों की स्थिति
अस्पताल -आय -मरीज
डीबी जिला अस्पताल, चूरू -2412900 -1946
उप जिला अस्पताल रतनगढ़ -2314225- 2522
उप जिला अस्पताल सुजानगढ़ -1092900 -810
सीएचसी तारानगर- 648450 -336
सीएचसी कानूता- 554350- 673
सीएचसी राजलदेसर -549350 -869
सीएचसी रतननगर -450700 -618
सीएचसी सरदारशहर -313400 -348
सीएचसी सालासर -306250- 456
सीएचसी सांडवा -303300 -292
सीएचसी राजगढ़- 297450 -380
सीएचसी पडि़हारा- 285950- 410
सीएचसी बीदासर- 186250 -233
सीएचसी साहवा -75300 -61
निजी अस्पतालों की स्थिति
अस्पताल- आय -मरीज
चूरू मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, चूरू -19021850 -1903
शिवम अस्पताल, चूरू- 12966400 -1590
संजीवनी अस्पताल, चूरू -11759100 -1671
सोनी अस्पाताल राजगढ़ -10483400 -6052
चौधरी अस्पताल, चूरू -978 1520- 2107
हार्ट केयर अस्पताल, चूरू -3550150 -1499
गंगाराम अस्पताल रतनगढ़ -4055100 -569
रविन्द्र अस्पताल,चूरू- 8575250- 1252
मोहता अस्पताल राजगढ़- 8282115 -1293
रोहिला अस्पताल, राजगढ़- 6366950 -2025
जैन अस्पताल राजगढ़ -3896150- 679
भगवानी देवी मोहता, राजगढ़- 2312800 -1091
एच.एन अस्पताल, चूरू -2070750 -323
शीला अस्पताल, चूरू -1802000 -286
शेखावाटी अस्प.,सरदारशहर- 1688550 -470
संजीवनी अस्पताल, तारानगर -1361750 -254
मंगल अस्पताल राजगढ़ -125500- 28
श्रीनाथ हॉस्पिटल, राजगढ़ -3117250- 1787
भारत हॉस्पिटल, सुजानगढ़ -988850 -293
अम्बिका अस्पताल -921650 -117
श्रीबालाजी नर्सिंग होम,सालासर- 464750 -477
जेडीएम अस्पताल सुजानगढ़ -293750 -66
गोयल हॉस्पिटल, चूरू- 69000 -65
जांगिढ़ अस्पताल, सुजानगढ़- 35000 -07
बीदासर सिटी हॉस्पिटल-000- 0000
इस आय में से अस्पतालों ने मरीजों की दवा व उपकरणों पर भी खर्च किए हैं।
Published on:
24 Dec 2018 10:28 pm
