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मंत्री राठौड़ ने एमडी व इंजीनियर को लगाई फटकार

मंत्री राठौड़ व जिला कलक्टर ने किया मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण
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MINISTER RAJENDRA RATHAUR NEWS

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चूरू.

राजस्थान पत्रिका में मेडिकल कॉलेज के धीमे निर्माणकार्य को लेकर प्रकाशित खबर के बाद पंचायत राज मंत्री खुद सोमवार को मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। धीमी कार्य प्रगति पर मंत्री ने निर्माणकर्ता कम्पनी पीएसपी के एमडी व कार्यकारी एजेंसी एचएसीएल के इंजीनियरों को कड़ी फटकार लगाई। मंत्री बोले अभी तक न तो कक्षाकक्ष तैयार है और न ही छात्रावास। १० दिन बाद छात्र आ जाएंगे तो उन्हे कहां बैठाएंगे। यदि छात्रावास तैयार नहीं हुआ तो विद्यार्थी होटल में रहेंगे जिसका किराया कम्पनी को चुकाना पड़ेगा। एमडी के फटकारते हुए कहा कि आपके बस की बात नहीं है तो काम छोड़ दो दूसरों से करवा लेंगे।

असहाय नजर आए मंत्री

मेडिकल कॉलेज के कार्यवाहक प्रिंसिपल डा. शरद जैन व प्रो. गजेन्द्र सक्सेना व इंजीनियर अजय कुमार ने उपकरण खरीद व अन्य प्रक्रिया के बारे में हकीकत बताई तो मंत्री राठौड़ भी असहाय नजर आए। उनका आक्रोश कुछ कम हुआ। उन्होंने मामले में चिकित्सा शिक्षा सचिव आनंद कुमार व अतिरिक्त निदेशक बचनेश कुमार से बात करने का प्रयास किया लेकिन बात नहीं हो सकी। मंत्री ने कहा कि सीएम का अगला पड़ाव चूरू में हो इससे पहले कॉलेज का काम पूरा हो जाना चाहिए। सीएम से ही कॉलेज का लोकार्पण करवाना है।

जुलाई तक आपातकालीन वार्ड तैयार करने का निर्देश

मंत्री ने कहा अस्पताल में बन रहा आधुनिकतम आपातकालीन यूनिट दिसंबर में तैयार होना था जो अभी तक नहीं हुआ। यह कितने शर्म की बात है। जुलाई तक हरहाल में तैयार हो जाना चाहिए। इसमें कोताही हुई तो बर्दाश्त नहीं करेंगे। एमडी को मजदूरों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया। पीएसपी कम्पनी के एमडी आरएस यादव ने बताया कि बिना स्वीकृति के उन्होंने करीब पांच करोड़ का काम करवा दिया लेकिन उसका भुगतान नहीं हो रहा है। एचएसीएल के इंजीनियर अजय कुमार ने बताया कि कम्पनी ने फर्नीचर खरीद लिया लेकिन सरकार ने उसका भुगतान नहीं किया।

आज भी मरीजों को स्पीड रैफर किया जाता है

इसके बाद मंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में इतना स्टाफ आ गया लेकिन काम कुछ नहीं दिख रहा। मरीजों को आज भी उसी स्पीड से रैफर किया जा रहा है। कॉलेज होने का फायदा कब मिलेगा। अस्पातल में जो ढर्रा पहले था वही आज भी है। लेबर रूम की स्थिति में सुधार नहीं हो रहा। भामाशाह योजना का रुपए भी खर्च नहीं किया जा रहा। यूनिट वाइज डाक्टरों का लाभ नहीं मिल रहा यह सुविधा कब सुचारू होगी। इससे पहले जिला कलक्टर ने मेडिकल कॉलेज भवन की स्थिति का अवलोकन किया। कलक्टर ने भी निर्माण की स्थिति पर नाराजगी जताई। जिला प्रमुख हरलाल सहारण, अधीक्षक डा. जेएन खत्री, प्रो. एफएच गौरी सहित अस्पताल के अनेक चिकित्सक मौजूद थे।