इससे किस्तुरीदेवी की तबीयत खराब हो गई और 31 जनवरी को उसकी मौत हो गई। उसके बाद उसने नौ फरवरी को गर्वित व 28 फरवरी को बड़े बेटे अनुराग को जहर देकर मार डाला। इस बीच पिछले कुछ दिनों से वह सोडियम के जरिए घर में खुद ही आग लगाता रहा, ताकि हत्या का मामला छिपा रहे। लोग तीन मौतों को स्वाभाविक मौत ही माने। शक होने पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो मामला उजागर हुआ।