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सरदारशहर में यूरिया की खुले आम कालाबाजारी

लंबे समय से किसान यूरिया की किल्लत का सामना कर रहे हैं। किसानों को यूरिया के लिए ऊंचे दाम खर्च करना पड़ रहा है तथा घण्टों तक लाइन में रहकर इंतजार करना पड़ रहा है। समय पर यूरिया नहीं मिलने के कारण किसानों की फसले चौपट हो रही हंै।
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सरदारशहर में यूरिया की खुले आम कालाबाजारी

सरदारशहर.

लंबे समय से किसान यूरिया की किल्लत का सामना कर रहे हैं। किसानों को यूरिया के लिए ऊंचे दाम खर्च करना पड़ रहा है तथा घण्टों तक लाइन में रहकर इंतजार करना पड़ रहा है। समय पर यूरिया नहीं मिलने के कारण किसानों की फसले चौपट हो रही हंै। किसान क्रय विक्रय सहकारी समिति के चक्कर दर चक्कर लगा रहे है। फिर भी यूरिया नहीं मिल रही है। तहसील क्षेत्र के गांवों में 18 सहकारी समिति होने के साथ शहर में एनजीओ के माध्यम से तीन एजेन्सी चल रही हैं। समितियों को आवश्यकता के अनुसार यूरिया उपलब्ध नहीं हो रही हैं वही मण्डी में कुछ लोग खुलेआम यूरिया की कालाबाजारी कर चांदी कूट रहे हैं। सरकारी यूरिया खुलेआम ऊंचे दामों में बेच रहे हैं। ब्लैक का यह धंधा कृषि उपज मण्डी में दिनदहाड़े चल रहा है। हैरानी की बात तो यह है कि यह कालाबाजारी सरकारी कै?पस कृषि उपज मंडी में दिनदहाड़े चलते देखा गया। जहां किसान एक एक कट्टे यूरिया के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। वहीं यहां पर भारी मात्रा में यूरिया महंगे दामों ब्लैक में बेची जा रही है । सहकारी समिति में यूरिया 26 6 .50 रुपए में मिलती है वही कालाबाजारी करने वाले लोग 400 से 500 रुपए में बेचकर चांदी कूट रहे है। यूरिया कालाबाजारी की सूचना मिलने पर संवाददाता जब कृषि उपज मण्डी पहुंचे तो यूरिया बेचने का खेल चल रहा था। संवाददाता ने जब कैमरा ऑन किया तो वहां पर हड़कंप मच गया। मंडी में यूरिया से भरा ट्रक पिकअप ट्रैक्टर ट्रोलियों में सीधे खाली हो रहा था। कैमरा देखकर छोटे वाहन इधर उधर चले गए। वहां पर महावीर जाखड़ नामक एक व्यापारी ट्रक से यूरिया खाली करवा रहा था। उसे पूछताछ की तो उसने बताया कि हरियाणा से खरीद कर लाए हैं। किसानों की भलाई के लिए यह कार्य कर रहा है।
बीदासर. कस्बे मे सोमवा सुबह ७ बजे हल्का कोहरा आया तथा ९ बजे बाद गहरा कोहरा छा गया, जो १०.३० बजे तक बना रहा। गहरा कोहरा होने के कारण आम लोगों की दिनचर्या पर काफ ी असर पड़ा। कोहरे के चलते ठिठुरन बढ़ गई तथा कोहरे के कारण लोग घरों में दुबके रहे। वहीं मुख्य बाजारों व बस स्टैंड पर सर्दी से बचाव के लिए अलाव तापते नजर आए। नोखा सीकर मार्ग पर घना कोहरा होने के कारण २० फ ीट की दूरी से आगे कुछ भी नहीं दिखाई दे रहा था। वहीं दुपहिया व बड़े वाहन चालक दिन में लाइट जलाकर धीमी गति से वाहन को चलाते दिखे। कोहरे के कारण सूर्य के दर्शन भी ११ बजे हुए। उसके बाद हल्की धूप निकलने से कस्बेवासियों को सर्दी से कुछ राहत मिली।