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रात 10 से सुबह छह बजे तक नहीं कर सकेंगे राजनीतिक पोस्ट

आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों के फेसबुक, ट्विटर, वाट्सएप ग्रुप पर होने वाले प्रचार पर भी चुनाव आयोग की नजर रहेगी। सोशल मीडिया पर प्रचार के लिए किया गया खर्चा भी संबंधित प्रत्याशी के चुनाव खर्च के खाते में जुड़ेगा।
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रात 10 से सुबह छह बजे तक नहीं कर सकेंगे राजनीतिक पोस्ट

सुजानगढ़.

आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों के फेसबुक, ट्विटर, वाट्सएप ग्रुप पर होने वाले प्रचार पर भी चुनाव आयोग की नजर रहेगी। सोशल मीडिया पर प्रचार के लिए किया गया खर्चा भी संबंधित प्रत्याशी के चुनाव खर्च के खाते में जुड़ेगा। सहायक रजिस्ट्रीकरण निर्वाचन अधिकारी जेपी माहिच के अनुसार निर्वाचन आयोग ने सोशल मीडिया इलेक्शन कैंपेन गाइडलाइन के माध्यम से फेसबुक, ट्वीटर, वाट्सएप व इंस्टाग्राम जैसे माध्यमों पर चुनाव प्रचार का समय निर्धारित कर दिया है। इसके तहत राजनीतिक दल का प्रत्याशी घोषित होने के बाद उम्मीद्वार, राजनीतिक दल व उनके समर्थक रात 10 से सुबह छह बजे तक किसी के समर्थन में कोई राजनीतिक अपील करती पोस्ट न तो अपलोड कर सकेंगे और ना ही उसे शेयर कर सकेंगे।

मैसेज का पूर्व प्रमाणन होगा
निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार निर्वाचन प्रचार अभियान में मोबाइल फोन पर बल्क एसएमएस, वॉयस मैसेज भी चुनाव विज्ञापन की श्रेणी में आएंगे। इनका पूर्व प्रमाणन करवाना आवश्यक होगा। सोशल मीडिया पर चुनाव आयोग की ओर से बल्क एसएमएस, वॉयस मैसेज, वीडियो क्लीपिंग, ऑडियो जिंगल आदि की दरंे भी तय की गई हैं। जिनको शेडो रजिस्टर में दर्ज कर प्रत्याशी के चुनाव व्यय रजिस्टर में जोड़ा जाएगा।

प्रत्याशी देंगे जानकारी
सहायक रजिस्ट्रीकरण निर्वाचन अधिकारी माहिच के अनुसार राजनीतिक दल के प्रत्याशी नामांकन पत्र दाखिल करते समय प्रपत्र 26 में शपथ पत्र प्रस्तुत करेंगे। इस प्रपत्र में पैरा 3 में प्रत्याशी के ई-मेलआइडी, प्रमाणित सोशल मीडिया खातों आदि के बारे में निर्वाचन आयोग को जानकारी देनी होगी। राजनीतिक दलों व उनके प्रत्याशियों की ओर से सोशल मीडिया वेबसाईट, इंटरनेट आधारित मीडिया, ई-पेपर आदि पर दिए जाने वाले कोई भी राजनीतिक विज्ञापन सक्षम अधिकारियों से पूर्व प्रमाणन के बिना जारी नहीं किए जा सकेंगे।

समर्थकों को भी लेनी होगी इजाजत

प्रत्याशी की ओर से इंटरनेट कंपनी वेबसाइट व सोशल मीडिया अकाउंट होल्डर्स को किया जाने वाला भुगतान निर्वाचन व्यय में जोड़ा जाएगा। सोशल मीडिया पोस्ट आदर्श आचार सहिंता के दायरे में आएगी। यदि किसी ने अपना मोबाइल एप पोर्टल डवलप कर उससे किसी प्रत्याशी या राजनीतिक दल का चुनाव प्रचार किया तो डवलपमेंट में होने वाला खर्च भी चुनाव खर्च में जोड़ दिया जाएगा। राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों व उनके समर्थकों को चुनाव प्रचार से जुड़ा कोई भी कंटेंट सोशल मीडिया पर अपलोड करने से पहले जिला निवार्चन अधिकारी से स्वीकृति लेनी होगी।