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रेडिएशन का गायों को खतरा,पैदा हो रहे अंधे एवं अपाहिज बछड़े

शहर के मोहल्ला रामबास में सैकड़ों वर्ष पुरानी जुबिली पिंजरापोल गोशाला के पास लगे मोबाइल टावर का रेडिएशन गर्भवती गायों के लिए खतरे का सबब बन गया है। इसके प्रभाव के कारण गोशाला में अंधे व अपाहिज बछड़े जन्म ले रहे हैं।
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सादुलपुर.

शहर के मोहल्ला रामबास में सैकड़ों वर्ष पुरानी जुबिली पिंजरापोल गोशाला के पास लगे मोबाइल टावर का रेडिएशन गर्भवती गायों के लिए खतरे का सबब बन गया है। इसके प्रभाव के कारण गोशाला में अंधे व अपाहिज बछड़े जन्म ले रहे हैं। गोशाला के पदाधिकारियों ने इस बात को स्वीकार भी किया है। रेडिएशन के दुष्प्रभाव से गत तीन साल में सौ से अधिक अंधे बछड़े अकाल मौत का ग्रास बन चुके हैं। जिसकी पुष्टि गोशाला के पदाधिकारियों ने की। गोशाला के श्यामलाल शर्मा, राकेश जांगिड़, रवि स्वामी, श्यामलाल शर्मा, श्रवण कुमार शर्मा आदि ने बताया कि मोबाइल टावर की रेडिएशन का प्रभाव दूध देने वाली गायों पर भी पड़ रहा है। लेकिन इस पर किसी की ओर से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पशु चिकित्सकों से गाय एवं बछड़ों का उपचार भी कराया लेकिन कोई भी सफलता नहीं मिली। वर्तमान में गोशाला में कुल १४३४ गाय है। रेडिएशन गोशाला के चिंता का विषय बन गया है।

कुछ इस तरह की पुष्टि

गोशाला पदाधिकारियों ने बताया कि लगातार गोशाला में अंधे बछड़े व अपाहिज बछड़ों के जन्म लेने की चिंता सताने लगी थी। इस निजात पाने के लिए गर्भवती गायों को बीड़ में स्थित गोपाल वन में भिजवा दिया गया। यहां गायों ने सभी बछड़े स्वस्थ जन्मे। इससे पुष्टि हो गईकि गोशाला में रेडिएशन का दुष्प्रभाव है। जिसका असर जन्म लेने वाले बच्चों पर भी पड़ रहा है।
शिकायत मिली है। इस संबंध में जांच करवाकर उचित कार्रवाई करेंगे।
सुभाष भडिय़ा, एसडीएम सादुलपुर

गोशाला के पास लगे मोबाइल टॉवर के रेडिएशन से गर्भवती गायें अंधे बछड़ों को जन्म दे रही हैं। रेडिएशन के कारण सौ से अधिक बछड़ों की मौत हो चुकी है।
बालकिशन सरावगी, गोशालाध्यक्ष सादुलपुर

गोशाला में कुल 1434 गाय हैं, जिनमें करीबन 30-35 गाय दूध देने वाली है। रेडिएशन के दुष्प्रभाव से अंधे व अपाहिज बछड़े जन्म ले रहे हैं।शिकायत के बाद कार्रवाई नहीं की गई।
चानणमल सारड़ा, कोषाध्यक्ष, गोशाला सादुलपुर

गायों को गोपाल वन में भेजने के बाद गायों ने स्वस्थ बच्चों को जन्म दिया। जिसके बाद पता चला कि रेडिएशन का दुष्प्रभाव गायों पर पड़ रहा है।
राजकुमार फगेडिय़ा, सामाजिक कार्यकर्ता सादुलपुर

ये मामला जांच का विषय है, अभी तक ऐसा कोई रिसर्च नहीं हुआ है। जांच के बाद ही वास्तविकता का खुलासा हो
सकता हैै। जांच रिपोर्ट के बिना कुछ कहना जल्दबाजी होगा।
डा. अजमेर कुहाड़, पशु चिकित्सक, सादुलपुर