
Rajasthan News : राजस्थान का शिक्षा विभाग विभिन्न नवाचारों के माध्यम से शैक्षणिक व्यवस्थाओं में सुधार की भले ही कवायद कर रहा है लेकिन शिक्षा निदेशालय प्रदेश के उच्च महाविद्यालयों में चल रहे नियुक्त पदों पर प्राचार्यों की नियुक्ति कब तक करेगा यह प्रदेश के शिक्षा जगत के लिए बड़ा चिंता का कारण बना हुआ है। जानकारी के अनुसार प्रदेश के 7 हजार उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्राचार्य तक नहीं है ऐसे में शैक्षिक व्यवस्था में कैसे सुधार होगा। जबकि वर्तमान में चल रहे शैक्षिक सत्र का आधा सफर तय हो चुका है।
शिक्षक संगठन रेसा ने प्रदेश के उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्राचार्यों के रिक्त चल रहे पदों और प्रधानाचार्यों के डीपीसी आयोजन में हो रहे विलंब को लेकर न केवल आवाज उठाई बल्कि शिक्षा निदेशालय बीकानेर के समक्ष धरना प्रदर्शन तक दिया। रेसा की ओर से शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव एवं निदेशक तक रिक्त पदों को भरने के लिए ज्ञापन दिए लेकिन इसके बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं।
जानकारी के अनुसार राजस्थान में करीब 7000 हजार उच्च माध्यमिक विद्यालय में प्रिंसिपल के रिक्त पदों को भरने के लिए हालांकि शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव तथा निदेशक सकारात्मक विचार रखते हैं। फिर भी न जाने क्यों निदेशालय के कुछ अधिकारी कौन से दबाव में है कि वे प्रिंसिपल डीपीसी में देरी करने के लिए शिक्षा ग्रुप 2 में अलग अलग प्रकार के पत्र लिख रहे हैं, जबकि शिक्षा ग्रुप- दो जयपुर की ओर से 6 नवबर 2024 को प्राचार्य डीपीसी 2023-24 के आयोजन की स्वीकृति प्रदान कर दी गई थी। बताया जाता है इसकी अनुपालना में विभाग की ओर से 8 नवंबर 2024 को अस्थाई वरिष्ठता सूची प्रकाशित कर आपत्तियां आमंत्रित करने के पश्चात 5 दिसंबर 2024 को प्रोविजनल अनंतिम वरिष्ठता सूची जारी की गई।
जानकारी के अनुसार इस प्रक्रिया के पश्चात निदेशालय की ओर से प्रधानाचार्य डीपीसी 2023- 24 के लिए अनुभव में शिथिलीकरण प्रदान करने के वास्ते 8 नवंबर 2024 की काउंसलिंग उपरांत दिव्यांग उप प्राचार्य जिनका पदस्थापन नहीं हुआ। इन्हें शामिल करने के लिए 14 नवबर 2024 तथा प्रधानाध्यापक माध्यमिक शिक्षा जिनका परिवीक्षा काल भी जुलाई 2023 में पूर्ण होना है, को भी समिलित करने के लिए अलग-अलग पत्र लिखकर अनावश्यक मार्गदर्शन प्राप्त करने के बहाने से देरी की जा रही है।
प्रदेशभर में प्रधानाचार्य विहीन विद्यालयों में छात्र हित तथा विद्यालयों के शैक्षिक प्रशासन को सुदृढ़ करने के लिए प्रधानाचार्य डीपीसी 2023-24 में निदेशालय बीकानेर की ओर से किए जा रहे अनावश्यक विलंब से राजस्थान के करीब 6 हजार उप प्राचार्यों में आक्रोश है। रिक्त पदों को भरने के लिए राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद उप प्राचार्य की ओर से 13 जनवरी 2025 को एक दिवसीय हल्ला बोल सांकेतिक धरना दिया जाएगा। क्योंकि यह शिक्षा, शिक्षण और शिक्षार्थियों के हितों का सवाल है। इस पर शिक्षा मंत्री और शिक्षा सचिव को तत्काल संज्ञान लेना चाहिए।
भंवरलाल गुर्जर, प्रदेश अध्यक्ष, राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद उप प्राचार्य
जानकारी के अनुसार इसी दौरान राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर में प्रधानाचार्य डीपीसी को लेकर कई न्यायिक प्रकरण एकल पीठ में दाखिल किए जा चुके हैं। जिस पर उनका निस्तारण होने के बाद उच्च न्यायालय जोधपुर की खंडपीठ में भी एकल पीठ द्वारा पारित आदेश के विरुद्ध अपील किए जाने की संभावना है।
Updated on:
07 Jan 2025 05:47 pm
Published on:
07 Jan 2025 05:43 pm
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