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रोडवेजकर्मियों ने अद्र्धनग्न होकर किया प्रदर्शन

कार्यशाला से लेकर रोडवेज आगार तक शव यात्रा निकाल कर पुतला दहन किया गया।
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चूरू.

राजस्थान परिवहन निगम श्रमिक संगठन के संयुक्त मोर्चो के तत्वावधान में रोडवेज कर्मियों ने अपनी मांगें नहीं माने जाने को लेकर बुधवार को अद्र्धनग्र होकर प्रदर्शन किया। इस अवसर महावीर प्रसाद झांझडिय़ा की अध्यक्षता में सभा हुई। इसमें यातायात मंत्री के साथ समझौते को लागू करने की मांग की गई। प्रदेशव्यापी आयोजन के तहत कार्यशाला से लेकर रोडवेज आगार तक शव यात्रा निकाल कर पुतला दहन किया गया। इस मौके पर ओमप्रकाश पूनिया ने बताया कि १५ व १६ सितम्बर को धरना दिया जाएगा। १७ सितंबर को ***** जाम किया जाएगा। इस अवसर पर इंटक यूनियन अध्यक्ष सत्यनारायण भाकर, सीटू के रामकुमार, रिटायर्ड एसोसिएशन के केशाराम पूनियां, चूरूआागार के आमीन खां, जगदीशप्रसाद शर्मा, तालीम हुसैन, हरफूल सिंह पूनिया, रामकुमार रॉयल, चंदूलाल, रमेश कुमार जांगिड़, जयवीर सिंहडूडी, पवनकुमार शर्मा, राजेश पारीक, करणी सिंह आदि मौजूद थे।

प्रदर्शन कर मांगा समाधान
सरदारशहर. विभिन्न मांगों को लेकर राजस्थान रोडवेज श्रमिक संगठनों के संयुक्त मोर्चा की ओर से शव यात्रा निकाल कर मुख्यमंत्री के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। शव यात्रा आगार कार्यशाला से शुरू होकर रोडवेज बस स्टैण्ड पहुंची। कर्मचारियों ने बताया कि 27 जुलाई को मुख्य मांगों पर हुए समझौते को सरकार ने लागू नहीं किया जिसके कारण प्रदेश के कर्मचारियों में भारी रोष है। बाबू खां, राजकुमारसिंह, लक्ष्मीनारायण जांगिड़, मदनलाल पारीक, धर्मवीर, दराब खां, अशोक कुमार, विजय पूनिया, धनपतराम, काशीराम, सीताराम शर्मा, महेन्द्रवीर, विक्रम, शिवलाल जाखड़, हरिराम पांडिया, हरिराम सैनी, कुन्दनमल माली, करणीसिंह, दीपचन्द, रामचन्द्र दर्जी, वीरसिंह, धर्मसिंह माली, राजकुमार प्रजापत आदि शव यात्रा में शामिल हुए।

17 को घेराव में भाग लेंगे शिक्षक

रतनगढ़. शिक्षक संघ शेखावत की तहसील कार्यकारिणी की बैठक बुधवार को सभाध्यक्ष पेमाराम कस्वा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में 17 सितंबर को प्रस्तावित बीकानेर निदेशालय के घेराव में रतनगढ़ से संख्या में भाग लेने का निर्णय लिया गया। तहसील अध्यक्ष जितेंद्र पूनिया ने कहा कि सरकार की शिक्षा, शिक्षार्थी, सार्वजनिक शिक्षा विरोधी नीतियों के विरुद्ध संघर्ष करना है। बैठक को बृजलाल खीचड़, गोपीचंद, शुभकरण नैण, सुरेंद्र सींगड़ ने संबोधित किया। महेंद्र शर्मा को तहसील मंत्री मनोनीत किया गया। रविंद्र बुरड़क, राजपाल पटीर, श्यामलाल खीचड़, भंवरलाल पूनिया, बजरंग, सुभाष मौजूद थे