
विकास को तरसता सिधमुख
सिधमुख. सादुलपुर विधानसभा क्षेत्र की सिधमुख उपतहसील की नहर में पानी, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र व पंचायत समिति का दर्जा दिलाने की वर्षों पुरानी मांग का आज तक निराकरण नहीं हो पाया है। भाजपा और कांग्रेस की सरकारों ने आज तक इन कार्यों को प्राथमिकता नहीं दी है। जबकि लोग इसके लिए लगातार धरना-प्रदर्शन आदि कर चुके हैं। लेकिन समस्या जस की तस है। यहां हालत ये है कि 60 वर्ष पुराने उपस्वास्थ्य केन्द्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में क्रमोन्नत तक नहीं किया गया। राजनीतिक खींचतान के चलते सिधमुख कस्बे को पंचायत समिति बनाए जाने संबंधित सभी नियम पूरे होने के बाद भी यह पंचायत समिति बनने से वंचित रह गया।
60 वर्षों से पानी का इंतजार
सिधमुख क्षेत्र में सिंचाई तथा पेयजल आपूर्ति के लिए सरकार ने सिधमुख नहर परियोजना का 31 मार्च 1958 को उद्घाटन किया था। इसके लिए १०३ करोड़ रुपए का बजट रखा था। 23 लाख हैक्टयर भूमि की सिंचाई का लक्ष्य था। लेकिन हालत यह है कि आज तक क्षेत्र के किसानों को खेती में पानी नहीं मिला। नहर के नाले-खालो का निर्माण सहित धरातल पर किसान हित का कोई भी नहर से जुड़ा कार्य पूरा नहीं हुआ।
पीएचसी को क्रमोन्नति का इंतजार
इस क्षेत्र के एकमात्र प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र से 49 गांवों की जनता को जुड़ी हुई है। मरीजों के दबाव के कारण स्वास्थ्य सेवा देना नकारा साबित हो रहा है। करीब 6 0 वर्ष से संचालित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में क्रमोन्नत करने की मांग पूरी नहीं हुई है।
क्षेत्र की प्रमुख समस्या
- सिधमुख नहर के अधूरे निर्माण कार्यो को स्वीकृती देकर पूर्ण करवाना।
- नहर से हो रही पानी की चोरी को रोकना।
- सिधमुख उपतहसील को तहसील में क्रमोन्नत करवाना।
- स्वीकृत कृषि मण्डी जो कि पूर्णतया बंद है उसे पुन: चालू करवाना।
- किसानों को बकाया बीमा क्लेम व फसलों का मुआवजा दिलवाना।
Published on:
10 Jan 2019 05:35 pm
