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चीरा लगा देते तो जा सकती थी मरीज की आंख

जल गया नेत्र यूनिट का जनरेटर व स्विच बोर्ड
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चूरू.

राजकीय डेडराज भरतिया अस्पताल प्रशासन नेत्र यूनिट में विद्युत व्यवस्था में सुधार के नाम पर खानापूर्ति कर रहा है। इसका खमियाजा यहां आने वाले मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। बार-बार विद्युत सिस्टम व जनरेटर में फाल्ट आ रहा है लेकिन प्रशासन गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाए बैठा है। मंगलवार को एक मरीज को आंख के ऑपरेशन के लिए थिएटर की टेबल पर लेटा दिया गया था। प्राथमिक दवाएं भी लगा दी गई थी। बेहोशी का इंजेक्शन लगाने की तैयारी कर रहे थे अचानक विद्युत स्विच बोर्ड व जनरेटर जल गया। ऑपरेशन थिएटर में अंधेरा छा गया। महिला मरीज घबरा गई। यदि एक मिनट बाद फॉल्ट होता तो महिला की आंख भी जा सकती थी।

ऑपरेशन के लिए आए थे नौ मरीज, निराश लौटे
मंगलवार को आंख की बीमारी के लिए जिले नौ मरीज आए थे। लेकिन सभी को बिजली नहीं होने के कारण वापस लौटना पड़ा। जाकनारी के मुताबिक खींवासर से कालूराम आंख के ऑपरेशन के लिए आया था। रसूलपुरा रामगढ़ से आलम अली, वार्ड नौ चूरू से उम्मेद, वार्ड 38 चूरू से सरला, वार्ड 23 से अनवर बानो, कोलिण्डा झुंझुनू्ं से बानो, जीणदेसर सरदारशहर से सरोज, व खींवासर चूरू से गौरा की आंख का ऑपरेशन होना था। फाल्ट के बाद भी मरीज कुछ घंटे तक इंतजार में बैठे थे। लेकिन फाल्ट सही नहीं हुआ तो दोपहर बाद वे अचानक चले गए। नेत्र चिकित्सक डा. पीसी ढाका, डा. वर्षा देवाड़ा, नर्सिंग स्टाफ शारदा चौधरी व मंजू आदि सरला को ऑपरेशन थिएटर में ले चुके थे। लिकिन संयोग सही था उसके चीरा नहीं लगाए थे यदि दो मिनट और फाल्ट नहीं होता तो चीरा भी लगा देते ऐसे में महिला की आंख भी जा सकती थी।

18 हजार का नुकसान

जानकारी के मुताबिक सरकार अंधता निवारण कार्यक्रम के तहत नेत्र ऑपरेशन के लिए सरकार की ओर से प्रत्येक ऑपरेशन के लिए दो हजार रुपए अस्पताल को मिलते हैं। लेकिन ऑपरेशन नहीं होने से रुपए भी नहीं मिले और मरीजों को हैरान भी होना पड़़ा।

छह माह में तीन बार फाल्ट

अस्पताल स्टाफ के मुताबिक छह माह में तीन बार विद्युत सिस्टम में फाल्ट आ चुका है। दो बार सही करवाया गया लेकिन बार-बार फाल्ट हो रहा है। कनेक्शन को बदलने के लिए प्रस्ताव भी बनाया गया लेकिन नहीं बदला गया। लेकिन अस्पताल प्रशासन की ढिलाई के कारण काम नहीं हो रहा।बताया जा रहा है कि केबल में कुछ दिक्कत है वर्षो पुरानी वायरिंग है, जबकि जरूरत के मुताबिक उसे व्यवस्थित नहीं किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि लोड अधिक है। उसके मुताबिक सप्लाई नहीं मिल रही है। इसके कारण बार-बार फाल्ट हो रहे हैं। अस्पताल प्रशासन के जिम्मेदारों से इस बारे में संपर्क किया गया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।

नहीं आ रहा पानी
अस्पताल में पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। इसके कारण चिकित्सकों व मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि कई महीनों से पानी की सुविधा गड़बड़ चल रही है लेकिन जिम्मेदार मौन हैं।

इसलिए जला जनरेटर
बिजली की लाइन जनरेटर से बाइपास होकर स्विच बोर्ड में जा रही है। स्विच बोर्ड में फाल्ट होने से जनरेट भी जल गया। कुछ दिन पहले भी लाइट की समस्या के कारण करीब एक माह तक ऑपरेशन नहीं हुए थे। अधिक लोड के कारण यह समस्या हो रही है।

अस्पताल कर्मचारी की ओर से जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं। वह गलत है उनके मीटर तक बिजली जा रही है। उन्हे मीटर से केबल काटने व काम पूरा होने पर शटडाउन देने के लिए कहा था लेकिन उन्होंने काम नहीं किया। इसमें निगम की कोई गलती नहीं है।:- शशिकांत कुलडिय़ा, एईएन, सिटी कार्यालय

आंखों के ऑपरेशन के लिए मंगलवार को नौ मरीजों को बुलाया गया था। एक मरीज को थिएटर में लेकर दवा आदि द्े दी गई थी लेकिन अचानक फाल्ट आने से ऑपरेशन नहीं हो सका। पूरे समय डॉक्टर उमस भरी गर्मी में गलियारे में बैठ कर मरीजों को देखते रहे।

:-डा. पीसी ढाका, वरिष्ठ नेत्र चिकित्सक, नेत्र इकाई

बिजली सिस्टम में अचानक फाल्ट आने से मरीजों को परेशानी हुई। सही करवाने के लिए सामान मंगवा लिए गए हैं। कल दोपहर तक बिजली सप्लाई शुरू करवा दी जाएगी। : डा. एफएच गौरी, कार्यवाहक अधीक्षक, डीबीएच