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खाद बीज व कीटनाशक विक्रेताओं ने यह नहीं किया तो रद्द हो जाएंगे लाइसेंस

राजस्थान राज्य कृषि प्रबंधन संस्थान (सियाम) दुर्गापुरा, जयपुर एवं कृषि विज्ञान केन्द्र जीवीएम सरदारशहर के संयुक्त तत्वावधान में चूरू जिले के 40 खाद बीज व कीटनाशक विक्रेताओं के लिए कृषि विज्ञान केन्द्र में 48 सप्ताह का डिप्लोमा कोर्स शुरू हुआ।
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खाद बीज व कीटनाशक विक्रेताओं ने यह नहीं किया तो रद्द हो जाएंगे लाइसेंस

सरदारशहर.

राजस्थान राज्य कृषि प्रबंधन संस्थान (सियाम) दुर्गापुरा, जयपुर एवं कृषि विज्ञान केन्द्र जीवीएम सरदारशहर के संयुक्त तत्वावधान में चूरू जिले के 40 खाद बीज व कीटनाशक विक्रेताओं के लिए कृषि विज्ञान केन्द्र में 48 सप्ताह का डिप्लोमा कोर्स शुरू हुआ।


इस अवसर पर मुख्य अतिथि आईएएसई मान्य विश्वविद्यालय के कुलाधिपति कनकमल दूगड़ ने सभी आदान विक्रेताओं को संदेश दिया कि अधिक खाद व अनावश्यक कृषि रसायनों के प्रयोग से भूमि, जल एवं वायु अत्यधिक रूप से प्रदूषित हुई है। जहरीला अनाज व सब्जियां मानव व पशुओं में अनेक प्रकार के रोग उत्पन्न कर रहे हैं। अत: आवश्यक है कि सभी आदान विक्रेता किसानों को सिर्फ आवश्यक रसायनों के प्रयोग की ही सलाह दें। इस प्रकार से किया गया व्यापार सेवा तथा व्यवसाय दोनों होगा। उत्पादन लागत कम की जा सकेगी। इससे कृषकों की आय को बढ़ाकर दोगुनी करने में भी सहायक होगी।

कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. वीके सैनी ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए डिप्लोमा कोर्स की पाठ्य सामग्री व परीक्षा व्यवस्था एवं अनुशासन के बारे में विस्तार से बताया। कृषि विभाग के उप निदेशक शंकरराम बेडा ने बताया कि सभी पुराने कृषि आदान विक्रेता जिन्होंने कृषि स्नातक का कोर्स नहीं किया है, उनको लाइसेंस के लिए यह कोर्स अनिवार्य होगा। अन्यथा उनका लाइसेंस वर्ष 2020 के बाद आगे नहीं बढ़ाया जा सकेगा। सहायक निदेशक डा. राजकुमार कुल्हरी ने किसानों के फीड बैक को रिकार्ड करने व उस पर अमल करने की प्रक्रिया पर जोर दिया। गांधी विद्या मंदिर के कुल सचिव अजयपति त्रिपाठी, कोर्स के समन्वयक रामेश्वरलाल सहारण, वैज्ञानिक जीएस पुण्डीय, मुकेश शर्मा, हरफूल सहारण, हरीश रछोया आदि वैज्ञानिक उपस्थित थे।