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तारानगर.
कस्बे में बुधवार सुबह दो घंटे हुई झमाझम 95 एमएम बारिश में ही कई सड़कें लबालब हो गई। कई दुकानों, स्कूलों व प्रतिष्ठानों में पानी भर गया। लोगों का शहर में निकालना मुश्किल हो गया। तेज बारिश के कारण जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया और कस्बा थम सा गया। कुछ सड़कों पर दो से तीन फीट तक पानी भर गया। कई दुकानों में पानी घुसने से काफी नुकसान हो गया। समस्या को देखते हुए अधिकारियों व पालिका प्रशासन की सांस फूलने लगी। हालांकि दो घंटे बाद बारिश बंद होने से प्रशासन ने राहत की सांस ली। बारिश के कारण कस्बे का रोडवेज बस स्टैंड मार्ग, सात्यूं बस स्टैंड मार्ग, अम्बेडकर सर्किल सहित निचले इलाके जलमग्न हो गए। कई गली-मोहल्लों में भी भारी मात्रा में पानी एकत्रित हो गया, जिससे आवागमन बाधित रहा। बारिश से राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, राजकीय इंद्रमणि शारदा बालिका माध्यमिक विद्यालय एवं रेस्ट हाउस की दीवार टूटने से विद्यालयों व रेस्ट हाउस में पानी घुस गया और भवन जलमग्न हो गया। राजकीय महिला महाविद्यालय में भी पानी घुस गया। पानी से दोनों विद्यालयों व रेस्ट हाउस के अंदर रखा फर्नीचर, दरी, कम्प्यूटर, शिक्षण सामग्री, रेकार्ड, कूलर, पंखें, अलमारी आदि सामान खराब हो गया।
बंद करने पड़े स्कूल
बरसात के कारण बुधवार को विद्यालय नहीं खुल सके जिससे शिक्षण कार्य ठप्प रहा। अम्बेडकर सर्किल व सात्यूं बस स्टैंड पर स्थित कई दुकानों में भी पानी घुसने से वहां रखा सामान खराब हो गया। पानी जमा होने से अम्बेडकर सर्किल, सात्यूं बस स्टैंड व मोबाइल मार्केट की अधिकतर दुकानें नहीं खुली। तहसील के बांय गांव में चार से पांच फीट तक पानी भर गया। लोगों को घरों से निकलने में परेशानी हुई। इसी प्रकार गांव भनीण, चंगोई, भलाउ टिब्बा सहित कई गांवों में अच्छी बारिश होने के समाचार मिले है। बारिश से खेतों में खड़ी गवार, बाजरा, मूंग, मोठ की फसल को काफी फायदा होगा। वहीं जिन किसानों अब तक बुवाई नहीं की थी उन्होंने बुवाई शुरू कर दी।
कड़ी मशक्कत के बाद निकाली पानी में फंसी स्कूल बस
सरदारशहर. ग्र्राम पंचायत मुख्यालय मेलूसर बीकान में बुधवार सुबह एक स्कूल बस मार्ग में भरे बरसाती पानी बंद होकर फंस गई। गांव राजास व बलाल से विद्यार्थियों को लेकर आ रही बस गांव मेलूसर के मुख्य मार्ग में भरे बरसाती पानी में बंद हो गई। जिससे विद्यार्थी बस में ही बैठे रहे। बस चालक ने पहले एक ट्रैक्टर को बुलाया। ट्रैक्टर चालक ने बस को निकालने का प्रयास किया लेकिन बस निकली नहीं। इसके बाद दो और ट्रैक्टर लगाए लेकिन उनसे भी बस हिली तक नहीं। जिस पर के्रन को बुलाना पड़ा। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद क्रेन से बस को पानी में से निकाला गया।
Updated on:
19 Jul 2018 11:53 am
Published on:
19 Jul 2018 11:53 am
