
5 गांवों के ग्रामीणों ने किया एईएन का घेराव
तारानगर. गांव ओजरिया, जिगसाना ताल, जोरजी का बास, चंगोई व मिखाला गांव के ग्रामीणों ने अवैध कनेक्शन हटाने की मांग को लेकर सोमवार दोपहर जलदाय विभाग कार्यालय के आगे विरोध-प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने विभाग के सहायक अभियंता रामनिवास रेगर का घेराव किया। गांव की पेयजल पाइप लाइन में किए अवैध कनेक्शन हटाने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि गांव ओजरिया के बस स्टैंड पर स्थित एक होटल संचालक ने ओजरिया गांव की टंकी से आने वाली लाइन में अवैध रूप से कनेक्शन कर रखा है। इससे गांवों को पर्याप्त जलापूर्ति नहीं हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि सरकार की ओर से ओजरिया पेयजल टंकी से जिगसाना ताल व बीरबाना जोहड़ की ढाणी तक 2 इंची लाइन को बदलकर 3 इंची लाइन डालने की स्वीकृति दी थी जिसका बजट 11.69 लाख रुपए स्वीकृत था। जलदाय विभाग व ठेकेदार की ओर से करीब एक-डेढ किलोमीटर तक ही पाइप लाइन बदली गई जबकि लाइन बदलने का कार्य करीब 4 किलोमीटर तक था। इसी कार्य के दौरान होटल संचालक ने जलदाय विभाग के अधिकारियों व ठेकेदारों से मिलकर लाइन में 3 इंची का पाइप डलवाकर होटल तक अवैध कनेक्शन करवा लिया। इस कारण गांवों में जलापूर्ति बाधित रहने लगी। ग्रामीणों ने बताया कि वे विभाग को अवैध कनेक्शन की कई बार शिकायत कर चुके हंै लेकिन अवैध कनेक्शन हटाने की कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों ने जलदाय विभाग के अधिकारियों पर राजनैतिक दबाव व होटल मालिक के साथ सांठ-गांठ व मिलीभगत के कारण अवैध कनेक्शन नहीं हटाने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने एईएन रैगर को मौके पर चलकर अवैध कनेक्शन की जांच कर उसे तुरंत हटाने की मांग की लेकिन एईएन ने मौके पर जाने से मना करते हुए दो-तीन दिनों में अवैध कनेक्शन की जांच करवाने की बात कही। ग्रामीणों ने कहा कि पांच गांव के लोग कनेक्शन को अवैध बता रहे है तो वे क्या झूठ बोल रहे हैं। ग्रामीणों ने होटल संचालक की ओर से लिए गए पेयजल कनेक्शन की स्वीकृति फाईल मंगवाकर कनेक्शन के वैध व अवैध की जांच करने की मांग की। एईएन ने जब फाइल मंगवाई तो विभाग में कनेक्शन से संबंधित कोई फाइल नहीं मिली। कनेक्शन से संबंधित फाइल व अन्य दस्तावेज नहीं मिलने पर ग्रामीणों ओर आक्रोशित हो गए। ग्रामीणों ने कहा कि कनेक्शन स्वीकृत होगा तभी तो फाइल मिलेगी। होटल संचालक ने जलदाय विभाग के अधिकारियों व ठेकेदारों से मिलीभगत कर अवैध कनेक्शन ले लिया। इसके बाद ग्रामीण मौके पर चलकर अवैध कनेक्शन को तुरंत हटाने की मांग पर अड़े रहे और एक्सईएन कक्ष में ही धरना देकर बैठ गए। एईएन रेगर ने दो-तीन दिनों में कनेक्शन से संबंधित पूरी जानकारी जुटाकर ही कनेक्शन हटाने की कार्रवाई करने की ग्रामीणों से बात कही।
तीन-चार घंटे तक चली वार्ता के बाद आक्रोशित ग्रामीण एक्सईएन कक्ष से धरना व घेराव समाप्त कर एसडीएम कार्यालय पहुंचे। वहां पर उन्होंने एसडीएम रामनिवास बुगालिया से मिलकर अवैध कनेक्शन हटवाने की मांग की। एसडीएम ने जलदाय विभाग के अधिकारियों से वार्ता कर मामले की जानकारी ली व अवैध कनेक्शन हटवाने का ग्रामीणों का आश्वासन दिया। एसडीएम से मिले आश्वासन के बाद ग्रामीण मान गए। पानी पंचायत अध्यक्ष हेतराम महला, पवन श्योराण, राजपाल सांगवान, जयसिंह झाझडिय़ा, दीपचंद बलौदा, राजकुमार कोठारी, तुलछाराम झाझडिय़ा, तुलछाराम जोईया, सुमेरङ्क्षसह, रामचन्द्र रेप्सवाल, नेतराम, कुरड़ाराम, अमरसिंह, बीरबलराम, सुमेर महला, रामनिवास, च्यानणमल सहित ओजरिया, जिगसाना ताल, जोरजी का बास, चंगोई व मिखाला गांव के अनेक ग्रामीण विरोध-प्रदर्शन व घेराव में शामिल थे।
Updated on:
23 Apr 2019 01:47 pm
Published on:
23 Apr 2019 01:47 pm
