
फाइल फोटो- पत्रिका
चूरू। भीषण गर्मी के बीच इंदिरा गांधी नहर परियोजना में इंदिरा गांधी फीडर और मुख्य नहर में रिलाइनिंग सहित अन्य निर्माण कार्यों के कारण करीब 45 दिन तक चली नहरबंदी अब समाप्त हो गई है। रविवार को नहरबंदी पूर्ण होने के बाद क्षेत्र के लोगों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। आपणी योजना सहित नहर से जुड़ी विभिन्न जल परियोजनाओं के माध्यम से जल्द ही लोगों को पीने के लिए मीठा नहरी पानी मिल सकेगा।
नहरबंदी समाप्त होने के साथ ही जल परियोजनाएं फिर सक्रिय हो गई हैं और अब लोगों को नियमित जलापूर्ति शुरू होने का इंतजार है। जानकारी के अनुसार इंदिरा गांधी नहर परियोजना की वार्षिक मरम्मत, रखरखाव और रिलाइनिंग कार्यों के चलते करीब एक माह तक नहरबंदी रही। इस दौरान चूरू जिले की आपणी योजना, कुंभाराम लिफ्ट, चूरू-बिसाऊ जल परियोजना सहित अन्य योजनाओं में तय नीति और अंतराल के अनुसार जलापूर्ति की गई।
गर्मी के मौसम में कई गांवों और कस्बों में पेयजल संकट भी गहराया रहा। बढ़ती पेयजल समस्या जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गई थी। हालांकि अब उम्मीद जताई जा रही है कि एक-दो दिन में हैड वर्क्स धन्नासर सहित जुड़े जल भंडारण केंद्रों तक नहरी पानी पहुंचने के बाद नियमित जलापूर्ति शुरू हो जाएगी।
नहर विभाग के सूत्रों के अनुसार गांव फिदे कलां के पास बनी राजस्थान नहर में टूट-फूट होने से कुछ बाधा भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि नहर में पानी छोड़े जाने से पहले ही करीब सौ फीट तक कटाव हो गया, जिससे समस्या खड़ी हो गई। इसके बावजूद विभागीय अधिकारियों ने तत्काल संज्ञान लेते हुए मरम्मत कार्य शुरू करवा दिया। स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में लापरवाही और धांधली के आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है।
नहर विभाग के अनुसार चूरू जिले के लिए पेयजल इंदिरा गांधी नहर के मसीतावाली हैड से रावतसर ब्रांच के जरिए पहुंचता है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि 16 मई दोपहर तक मसीतावाली हैड पर पानी पहुंच गया था, लेकिन रावतसर ब्रांच में अब तक पानी नहीं छोड़ा गया है। संभावना जताई जा रही है कि रविवार शाम तक रावतसर ब्रांच भी खोल दी जाएगी। इसके बाद विभाग की प्राथमिकता डिग्गियों और जलाशयों को भरने की रहेगी, ताकि शहरों और गांवों में सुचारू जलापूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि व्यवस्था को पूरी तरह पटरी पर आने और पाइपलाइन नेटवर्क तक नियमित पानी पहुंचने में कुछ समय लगता है। ऐसे में रावतसर ब्रांच खुलने और जिले के हैड वर्क्स तक पानी पहुंचने के बाद आपणी योजना से जुड़े शहरों और गांवों में नियमित जलापूर्ति बहाल होने की उम्मीद है।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग चूरू के अधीक्षण अभियंता चुन्नीलाल के अनुसार अभी तक चौधरी कुंभाराम लिफ्ट में पीने का नहरी पानी निर्धारित स्तर तक नहीं पहुंचा है। यहां पानी पहुंचने के बाद ही हैड वर्क्स धन्नासर को नहरी पानी मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि संभावना है कि 20 मई तक जलापूर्ति व्यवस्था पूरी तरह शुरू हो जाएगी।
Updated on:
17 May 2026 04:34 pm
Published on:
17 May 2026 04:34 pm
