
आप रह जाएंगे दंग, गुप्ता को कैसे मिली जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी
चूरू. राजनीति में सत्ता की वैतरणी को पार लगाने के लिए जातिगत निर्णय बहुत मायने रखते हैं। ऐसा ही निर्णय चूरू में भी किया गया है। पार्टी आलाकमान ने ये निर्णय चार विधानसभा सीट गंवाने के बाद किया है। जिसे राजनीतिक गलियारों में काफी अहम माना जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने जिलाध्यक्षों में बदलाव किया है। ये बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण माना गया है कि आने वाले लोकसभा के चुनाव में पार्टी का मूल वोट बैंक प्रभावित ना हो। चूरू में जिलाध्यक्ष की कमान पार्टी के वरिष्ठ और संघ पृष्ठभूमि से जुड़े पंकज गुप्ता को दी गई है। जीएसटी के चलते बनिया वर्ग में केन्द्र सरकार के प्रति नाराजगी को दूर करने, विधानसभा चुनाव में खोई प्रतिष्ठा फिर से स्थापित करने के लिए पार्टी ने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले ये कार्ड खेला है। हालांकि पंकज गुप्ता सांसद राहुल कस्वा के करीबी माने जाते हैं। लेकिन हाल ही के विधानसभा चुनाव में गुप्ता ने चूरू विधानसभा क्षेत्र में राजेन्द्र राठौड़ के चुनाव प्रचार की पूरी कमान संभाल रखी थी। गुप्ता को अध्यक्ष बनाए जाने के पीछे दोनों ही नेताओं का हाथ माना जा रहा है। प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी संघ पृष्ठ भूमि से हैं। उनसे नजदीकियों का लाभ भी गुप्ता को मिला है। चूरू में सर्वाधिक मतों से जीतने वाले राठौड़ को इस बार बहुत कम मतों की जीत मिली है। इसमें गुप्ता की रणनीति को कारगर माना गया है। लोकसभा चुनाव दूर हैं लेकिन गुप्ता किस तरह प्रबंधन कर पाते हैं ये आने वाला समय बताएगा लेकिन इतना तय है कि लोकसभा चुनाव जिलाध्यक्ष के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।
Published on:
29 Jan 2019 10:37 pm
