महानता का पीछा करते इंग्लैंड पहुंची टीम इंडिया ने इन 5 कारणों से गंवाई सीरीज

महानता का पीछा करते इंग्लैंड पहुंची टीम इंडिया ने इन 5 कारणों से गंवाई सीरीज

Akashdeep Singh | Publish: Sep, 12 2018 11:56:55 AM (IST) क्रिकेट

इंग्लैंड ने पहला टेस्ट पहला टेस्ट 31 रन से, दूसरा पारी और 159 रन से तथा चौथा टेस्ट 60 रन से जीता था। भारत ने तीसरा टेस्ट 203 रन से अपने नाम किया था। इंग्लैंड ने पांच मैचों की टेस्ट सीरीज 4-1 से अपने नाम कर ली और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने वाले एलिस्टेयर कुक को शानदार विदाई दी।

नई दिल्ली। लोकेश राहुल (149) और ऋषभ पंत (114) के बीच छठे विकेट के लिए हुई 204 रन की रिकॉर्ड साझेदारी के बावजूद भारत को यहां ओवल मैदान पर इंग्लैंड के हाथों पांचवें और आखिरी टेस्ट मैच के पांचवें दिन मंगलवार को 118 रन से हार का सामना करना पड़ा। इसी के साथ इंग्लैंड ने श्रृंखला 4-1 के अंतर से जीत ली। भारतीय टीम इंग्लैंड बड़े मुकाम हासिल करने पहुंची थी। वह विश्व की नंबर-1 टेस्ट टीम थी और अधिकतर लोगों को इसबार विश्वास था कि भारत यह सीरीज जीत सकता है। टेस्ट सीरीज के साथ-साथ टीम इंडिया ने ODI सीरीज भी गंवाई, हालांकि टीम ने T20 सीरीज पर कब्ज़ा जमाया था। टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम लगभग सभी मैचों में एक समय पर मजबूत स्थिति में थी लेकिन उन्होंने महत्वपूर्व मौकों पर इंग्लैंड टीम से दबाव हटा लिया और यह सीरीज हार गए। आइये नजर डालते हैं ऐसे ही 5 कारणों पर जिनकी वजह से भारतीय टीम ने सीरीज गंवाई।


1. टीम का चयन-
पहले टेस्ट मुकाबले में चेतेश्वर पुजारा का टीम में नहीं चुना जाना, कप्तान और टीम मैनेजमेंट की बहुत बड़ी चूक थी। बाद में पुजारा टीम से जुड़े और उन्होंने 39.71 की औसत से 8 इनिंग में 278 रन बनाए। वह विराट के बाद इंग्लैंड दौरे पर सबसे सफल बल्लेबाज दिखे। इसके अलावा कुलदीप यादव का लॉर्ड्स टेस्ट में चुने जाना, यह एक ऐसा ब्लंडर साबित हुआ कि कुलदीप सीरीज के आखिरी दो मैचों में चुने ही नहीं गए। चौथे टेस्ट में चोट के बाद भी आश्विन का चुना जाना भी टीम के पक्ष में नहीं रहा। जिस पिच पर मोईन अली ने इतने विकेट लिए वहीं पूरे मैच में आश्विन जूझते नजर आए।


2. बल्लेबाजों के प्रदर्शन में निरंतरता की कमी-
निरंतरता की बात तो भूल जाइए भारतीय बल्लेबाज ऐसे लग रहे थे जैसे वह पहली बार बल्लेबाजी कर रहे हों। कप्तान कोहली को छोड़कर सभी बल्लेबाज फॉर्म से जूझते नजर आए। पहले मुकाबले में कोहली ने अकेले ही प्रदर्शन किया। एकजुट होकर टीम प्रदर्शन करने में नाकाम रही। दूसरे टेस्ट मैच के बाद टीम के बल्लेबाजों ने बेहतर खेलना शुरू किया। तीसरे टेस्ट मुकाबले में अजिंक्य रहाणे ने अर्धशतक लगाया, पुजारा ने भी उपयोगी पारी खेली और टीम ने वह मैच जीता। चौथे टेस्ट मुकाबले में कोहली, पुजारा और रहाणे ने जज्बा दिखाया और आखिरी टेस्ट मुकाबले में पंत और राहुल ने शानदार बल्लेबाजी की। कोई भी भारतीय बल्लेबाज कोहली के अलावा एक टेस्ट मैच की दोनों पारियों में अच्छी इनिंग नहीं खेल पाया। ऐसे बिखरे हुए प्रदर्शन से भारतीय टीम का सीरीज जीत पाना बहुत ही कठिन था।


3. एक भी टॉस न जीतना-
हालांकि टॉस पर नियंत्रण नहीं किया जा सकता लेकिन वह मैच के परिणाम पर जरूर असर डालता है। कोहली को जैसे सिक्के के हेड्स वाले हिस्से से प्यारा सा था जो उन्होंने सभी टॉस में हेड्स बोला और वह सभी टॉस हार भी गए। टॉस मैच पर कितना असर डालता है यह आप इस बात से जान सकते हैं कि इंग्लैंड के कप्तान जो रुट ने केवल एक मैच में पहले गेंदबाजी चुनी और वह मैच इंग्लैंड हार गयी। इंग्लैंड ने इसके अलावा चार मैचों में पहले बल्लेबाजी की और वह चारो मैच जीतने में कामयाब रहे।


4. निचलेक्रम के बल्लेबाजों के सामने बेबस भारतीय गेंदबाज-
भारतीय गेंदबाजों ने सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया लेकिन उनकी एक कमी ने टीम को बहुत नुक्सान पहुंचाया। भारतीय गेंदबाजों को यह तो पता था कि उपरी क्रम के बल्लेबाजों को कैसे गेंदबाजी करनी है लेकिन वह निचले क्रम के बल्लेबाजों के सामने बार-बार बेबस नजर आए खासकर सैम कुरन के सामने। आदिल राशिद, स्टुअर्ट ब्रॉड ने भी भारतीय गेंदबाजों की जमकर क्लास लगाई। जब भी भारतीय टीम ने अच्छी शुरुआत की और इंग्लैंड के ऊपरी क्रम को सस्ते में पवेलियन लौटाया तब निचले क्रम के बल्लेबाजों ने टिक कर उनका खेल बिगाड़ा।


5. भारतीय सलामी बल्लेबाजों का प्रदर्शन-
भारतीय सलामी बल्लेबाज किसी भी मुकाबले में डटकर बल्लेबाजी नहीं कर सके। पहले टेस्ट मैच की पहली इनिंग में 50 और दूसरी इनिंग में 19 रन की ओपनिंग साझेदारी हुई। दूसरे टेस्ट मैच की पहली इनिंग में 0 और दूसरी इनिंग में भी 0 की साझेदारी। तीसरे मैच में 60 और 60 की, चौथे मैच में 37 और 4 की और पांचवें मुकाबले में 6 और 1 रन की ओपेनिंग साझेदारी। ऐसी ख़राब शुरुआत के बाद भारतीय टीम का मैच जीत पाना आसान नहीं था। तीसरे टेस्ट में भारत को अच्छी शुरुआत मिली और टीम ने यह मैच जीता भी। बड़े स्कोर के लिए टीम को अच्छी शुरुआत मिलनी जरुरी होता है।

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