
पैट कमिंस और हेनरिक क्लासेन (Photo - IANS)
BCCI message to IPL franchises: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का सीजन खत्म होने के बाद विदेशी खिलाड़ियों के बीच में ही टूर्नामेंट छोड़कर जाने और शुरुआत में अनअवेलेबल (अनुपलब्ध) रहने का मुद्दा काफी गरमा गया है। इस हालिया सीजन में कई टीमों को विदेशी स्टार्स के न होने से बड़ा नुकसान झेलना पड़ा। दिल्ली कैपिटल्स (DC) को मिचेल स्टार्क की शुरुआती गैरमौजूदगी से झटका लगा, तो पैट कमिंस और जोश हेजलवुड भी चोटों के चलते पहले हाफ में नहीं खेल पाए थे। राजस्थान रॉयल्स (RR) के कोच कुमार संगाकारा ने भी सैम करन के आईपीएल छोड़कर इंग्लैंड में टी20 खेलने पर नाराजगी जताई थी।
इस पूरे विवाद पर बीसीसीआई (BCCI) ने हाथ पीछे खींच लिए हैं। बीसीसीआई के एक सोर्स ने साफ कर दिया है कि बोर्ड विदेशी खिलाड़ियों को रोकने के लिए बीच में कोई बिचौलिया (मीडिएटर/Middleman) नहीं बनेगा। बीसीसीआई का नियम साफ है कि बिना किसी मेडिकल इमरजेंसी या चोट के अगर कोई खिलाड़ी ऑक्शन में बिकने के बाद हटता है, तो उस पर दो साल का बैन लगेगा (जैसे जोफ्रा आर्चर के केस में हुआ था)। लेकिन अगर कोई खिलाड़ी नेशनल ड्यूटी या किसी और वजह से हटता है, तो यह मामला फ्रेंचाइजी और खिलाड़ी को आपस में ही सुलझाना होगा।
फ्रेंचाइजियों की मांग के बावजूद बीसीसीआई अभी ऑक्शन पर्स (जो फिलहाल 125 करोड़ रुपये है) को अचानक बहुत ज्यादा बढ़ाने के मूड में नहीं है। बोर्ड का मानना है कि आईपीएल खिलाड़ियों को पहले ही मैच फीस (7.5 लाख रुपये प्रति मैच) और ढेर सारे स्पॉन्सरशिप एग्रीमेंट्स मिलते हैं। कई खिलाड़ी एक सीजन में मोटी रकम पाते हैं और अगले साल गायब हो जाते हैं, इसलिए इस पर सोच-समझकर फैसला लिया जाएगा।
बीसीसीआई ने भविष्य को लेकर एक बहुत बड़ा हिंट दिया है। साल 2028 से आईपीएल में मैचों की संख्या 74 से बढ़ाकर 94 करने का प्लान है। इसके लिए बीसीसीआई मार्च के पहले हफ्ते से लेकर मई के मध्य (15 मई) तक का एक नया और बड़ा विंडो तलाश रहा है, क्योंकि मई के बाद भारत में मानसून शुरू हो जाता है। बोर्ड का कहना है कि लगातार हो रहे आईसीसी (ICC) इवेंट्स और द्विपक्षीय सीरीज (Bilateral Series) के कारण दर्शकों में थकान (Viewer Fatigue) भी बढ़ रही है, जिस पर आने वाले समय में बड़ा फैसला लेना होगा।
Published on:
15 Jun 2026 05:54 pm
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