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क्रिकेट के इतिहास में पहली बार, जब 14 पुरुषों के बीच एक महिला भी होगी मैदान पर मौजूद

क्रिकेट के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा जब 14 पुरुषों के बीच में एक महिला भी होगी मैदान पर मौजूद।

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Prabhanshu Ranjan

Oct 05, 2017

polasek

नई दिल्ली: क्रिकेट के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा, जब पुरुषों के मुकाबले में एक महिला अपनी अहम भूमिका के साथ मैदान पर मौजूद होगी। क्लेयर पोलोसेक नाम की यह महिला पुरुष क्रिकेट मुकाबलों में अंपायिरंग की महत्वपूर्ण भूमिका में मैदान पर होगी। पोलोसेक पहली महिला अंपायर होंगी, जो न्यू साउथ वेल्स और ऑस्ट्रेलिया इलेवन के मैच में अंपायरिंग करेंगी। यह ऐतिहासिक मैच रविवार को खेला जाएगा। जिसमें पोलोसेक पुरुष अंपायर पॉल विल्सन के साथ मैदान पर मौजूद रहेगी। बताते चले कि पोलोसेक बीते करीब 2 साल से क्रिकेट आस्ट्रेलिया के डिवलेपमेंट अंपायर पैनल का हिस्सा हैं। इससे पहले वह पुरुषों के क्रिकेट में थर्ड अंपायर रह चुकी हैं।

ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज स्टॉक करेंगे वापसी
इस मैच से ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क के मैदान पर वापसी करने की संभावना जताई जा रही है। बता दें कि स्टार्क चोटिल होने की वजह से टीम से बाहर चल रहे है। ऐसे में स्टार्क दमदार प्रदर्शन करके एशेज के लिए अपनी दावेदारी मजबूत करेंगे।

कौन हैं क्लेयर पोलोसेक
ऑस्ट्रेलिया की रहने वाली पोलोसेक क्रिकेट खेलना तो नहीं जानती, लेकिन उन्हें अंपायरिंग के प्रति जुनून है। तभी तो कई बार असफल होने के बावजूद भी पोलोसेक ने अंपायर बनने की अपनी लालसा नहीं छोड़ी। अब आखिरकार जब वो अंपायर बन गई है, तो उनके नाम का भी एक अध्याय क्रिकेट के इतिहास में दर्ज हो गया है।

महिला वर्ल्ड कप में अंपायरिंग कर चुकी हैं पोलोसेक
बता दें कि 29 साल की पोलोसेक इंग्लैंड में संपन्न हुए वर्ल्ड कप के चार मैचों में अंपायरिंग कर चुकी है। पोलोसेक का कहना है, क्रिकेट न खेलने के बावजूद उनका सपना था अंपायरिंग करना, वह इसके लिए प्रतिबद्ध थीं। पोलोसेक ने यह भी बताया कि इस पेशे में आने के लिए उनके पेरेंट्स ने प्रेरित किया। पोलोसेक के पिता उन्हें गाड़ी में बिठाकर अंपायर्स कोर्स के लिए छोड़ने जाया करते थे।

कितना मुश्किल है पोलोसेक का सफर
पोलोसेक के लिए ये सफर कितना मुश्किल है, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। एक महिला होकर लगातार तीन से चार घटें तक मैदान पर खड़ा होना कोई आसान बात नहीं। उससे भी मुश्किल यह है कि पोलोसेक ने बतौर इसे पेशा चुना है।