
नई दिल्ली। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) की तरफ से नए नियम लागू किए जाने के 24 घंटे के अंदर ही इनका पहला शिकार भी सामने आ गया। ये शिकार बने ऑस्ट्रेलिया की घरेलू क्रिकेट में क्वींसलैंड टीम के खिलाड़ी मान्र्यूस लाबुसचेंज। लाबुुसचेंज आईसीसी क्रिकेट के नए नियमोंं में शामिल किए गए 'फेक फील्डिंग' नियम के शिकार हुए हैं। इसके लिए उनकी टीम पर 5 रन की पेनल्टी का जुर्माना लगाया गया।
क्या हुआ था पूरा मामला
दरअसल शुक्रवार को ऑस्ट्रेलिया की घरेलू सीमित ओवर क्रिकेट टूर्नामेंट जेएलटी वनडे कप में क्वींसलैंड बुल्स और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया इलेवन के बीच मुकाबला खेला जा रहा था। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया इलेवन के बल्लेबाज पारम उप्पल ने कवर ड्राइव लगाया, जिसे वहां खड़े लाबुसचेंज ने छलांग लगाते हुए रोकने का प्रयास किया। लेकिन गेंद उनके नीचे से निकल गई। इसके बावजूद लाबुसचेंज ने थ्रो करने की एक्टिंग करते हुए बल्लेबाजों को डराने की कोशिश की। लाबुसचेंज की इस हरकत को आईसीसी के नए नियम 41.5 का उल्लंघन मानते हुए अंपायरों ने क्वींसलैंड बुल्स पर 5 रन की पेनल्टी का जुर्माना लगा दिया।
क्या है नियम 41.5
आईसीसी के लिए नियम बनाने वाली संस्था एमसीसी की तरफ से बनाए नियम 41.5 के अनुसार, बल्लेबाज के गेंंद खेेलने के बाद किसी भी फील्डर की जानबूझकर की गई हरकत या शाब्दिक व्यंग्य, जिससे बल्लेबाज का ध्यान भंग हो या उसके खेल में बाधा पड़े, उसे अनुचित माना जाएगा। इसके लिए अंपायर को अधिकार होगा कि वह 5 रन की पेनल्टी लगा सकता है। मॉक या फेक फील्डिंग को भी इस नियम में परिभाषित करते हुए लिखा गया है कि जब बल्लेबाज की रनिंग के दौरान एक फील्डर गेंद को पकडऩे की एक्टिंग करे या गेंद हाथ में नहीं होने पर भी उसे थ्रो करने की एक्टिंग करे तो इसे भी अनुचित के तहत आचरण माना जाएगा।
धोनी करते थे पहले ऐसा
भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी अपने करियर के शुरुआती दिनों में इस तरह की फेक विकेटकीपिंग के लिए मशहूर थे। धोनी ने कई बार गेंद पकड़ लेने के बावजूद पीछे मुड़कर ये एक्टिंग करते हुए बल्लेबाजों को धोखे में डाला था कि मानो गेंद उनसे छूटकर बाउंड्री की तरफ चली गई है।
Published on:
30 Sep 2017, 6:47 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.