4 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

ओकीफी ने खुला पत्र लिखकर मयंक, रवींद्र और पुजारा का मजाक उड़ाने के लिए मांगी माफी

रविवार को ओकीफी ने खुला पत्र लिख कर अपने बयानों के लिए भारतीय प्रशंसकों और खिलाड़ियों से माफी मांगी।
less than 1 minute read
Google source verification
india vs australia

ओकीफी ने खुला पत्र लिखकर मयंक, रवींद्र और पुजारा का मजाक उड़ाने के लिए मांगी माफी

मेलबर्न : भारत-आस्‍ट्रेलिया दौरे के बीच सीरीज में चल रही जंग के अलावा एक और व्‍यक्ति आस्‍ट्रेलियाई कमेंटेटर कैरी ओकीफी भी अपने विवादित नस्‍लीय टिप्‍पणी के कारण सुर्खियां बटोर रहे हैं। पहले तीसरे टेस्‍ट के पहले दिन उन्‍होंने भारतीय घरेलू क्रिकेट का मजाक उड़ाया। इसके बाद भारतीय टीम में डेब्‍यू कर रहे मयंक अग्रवाल पर रेसिस्‍ट टिप्‍पणी की। विवाद बढ़ने पर हालांकि उन्‍होंने मयंक अग्रवाल और भारतीय प्रशंसकों से माफी मांग ली। लेकिन इसके बावजूद वह रुके नहीं इसके बाद एक बार फिर रविंद्र जडेजा और चेतेश्‍वर पुजारा के नाम पर नस्‍लीय टिप्‍पणी कर डाली। एक बार फिर उनके इस टिप्‍पणी की थू-थू होने लगी तो उन्‍होंने एक बार फिर भारतीय प्रशंसकों तथा खिलाड़ियों से माफी मांगी है।

लिखा खुला पत्र
रविवार को ओकीफी ने खुला पत्र लिख कर अपने बयानों के लिए भारतीय प्रशंसकों और खिलाड़ियों से माफी मांगी। पत्र में उन्‍होंने लिखा कि उनके मजाक का गलत मतलब निकाला गया। उनका इरादा भारतीय क्रिकेट का 'अपमान' करना नहीं था। वह कॉमेंट्री के दौरान की गई अपनी टिप्पणियों पर मिली प्रतिक्रियाओं से वह टूट गए हैं। उन्‍होंने लिखा कि उनकी टिप्पणियों को भारतीय प्रशंसकों और मीडिया ने न सिर्फ अपमानजनक, बल्कि नस्लीय करार दिया। उनकी टिप्‍पणियों की नकारात्मक व्याख्या की गई है। लेकिन जैसी व्याख्या की गई, वह वैसे नहीं हैं। कमेंट्री के दौरान गंभीर विश्लेषण के बीच हल्की-फुल्की टिप्पणियां करना उनकी शैली है।

पुजारा और जडेजा के नामों का नहीं उड़ाया मजाक
उन्‍होंने कहा कि न तो उन्‍होंने भारतीय घरेलू क्रिकेट का मजाक उड़ाया है और न ही उनकी मंशा चेतेश्वर पुजारा और रवींद्र जडेजा के नामों का मजाक उड़ाने की थी। इसके बावजूद वह इसके लिए भी माफी मांगते हैं।

बड़ी खबरें

View All

क्रिकेट

खेल

ट्रेंडिंग