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एशिया कप की जीत का इनाम हुआ इंसानियत के नाम, हार्दिक सिंह ने गोद लिया बाढ़ पीड़ित परिवार, प्राइज़ मनी से उजड़े घर को फिर बसाएंगे

26 वर्षीय हार्दिक ने अजनाला के रामदास गांव के एक परिवार को गोद लिया। गुरशान सिंह नाम के शख्स का घर बाढ़ में पूरी तरह टूट गया है। वे अपनी मां और दो छोटे बच्चों के साथ घर से 60 मीटर दूर एक तंबू में रहने को मजबूर हैं। हार्दिक ने जब यह देखा तो उनका दिल भर गया और उन्होंने इस परिवार को मदद करने का फैसला किया। हार्दिक ने उनके घर को फिर से बनाने, फर्नीचर, पंखे और टीवी तक दिलाने का वादा किया है।

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भारत

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Siddharth Rai

Sep 11, 2025

हार्दिक सिंह ने पंजाब बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया Hardik Singh adopt(Credit: Hardik Singh/Instagram and Hockey india)

Hardik Singh adopts a family affected by Punjab floods: हॉकी के स्टार खिलाड़ी हार्दिक सिंह जालंधर से लगभग 100 किलोमीटर दूर जब रावी नदी किनारे बसे एक गांव पहुंचे, तो उन्हें वे हैरान रह गए। उन्हें एहसास हुआ कि असलियत मीडिया में दिखाई गई तस्वीरों से कहीं ज्यादा दर्दनाक है। जिसके बाद हार्दिक ने एशिया कप जीतने के बाद मिली सारी इनामी राशि और मैच बोनस पंजाब बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए देने का फैसला किया।

26 वर्षीय हार्दिक ने अजनाला के रामदास गांव के एक परिवार को गोद लिया। गुरशान सिंह नाम के शख्स का घर बाढ़ में पूरी तरह टूट गया है। वे अपनी मां और दो छोटे बच्चों के साथ घर से 60 मीटर दूर एक तंबू में रहने को मजबूर हैं। हार्दिक ने जब यह देखा तो उनका दिल भर गया और उन्होंने इस परिवार को मदद करने का फैसला किया। हार्दिक ने उनके घर को फिर से बनाने, फर्नीचर, पंखे और टीवी तक दिलाने का वादा किया है।

हार्दिक ने कहा, दो छोटे बच्चों के सिर पर छत नहीं थी। जब मैं वहां पहुंचा, गुरशान कहीं सेवा करने गए थे। अगर मेरे साथ ऐसा होता तो शायद मैं दुखी होकर घर बैठा रहता। लेकिन गुरशान ने अपना घर खोकर भी दूसरों की मदद जारी रखी, यह देखकर सच में प्रेरणा मिली।”

करीब दो हफ़्ते तक हार्दिक और उनकी टीम ने एशिया कप जीतने के लिए पूरी तरह दुनिया से खुद को अलग रखा था। यह टूर्नामेंट 2026 वर्ल्ड कप क्वालिफ़ायर भी था, इसलिए और भी अहम था। हार्दिक शानदार प्रदर्शन करने वालों में रहे और उन्होंने मलेशिया के खिलाफ क्वार्टरफाइनल जैसे मैच में अकेले दम पर गोल कर टीम को फाइनल में पहुंचने में भूमिका निभाई थी। फ़ाइनल में भारत ने दक्षिण कोरिया को 4-1 से हराकर आठ साल बाद खिताब जीता।

लेकिन उसी दौरान पंजाब में लगातार बारिश ने तबाही मचाई। अब तक 50 से ज़्यादा लोग जान गंवा चुके हैं और लगभग 1,900 गांव बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। हार्दिक कहते हैं कि जब वे मैदान में पसीना बहा रहे थे, तब भी सोशल मीडिया पर वीडियो देखकर पंजाब की स्थिति पर नज़र बनाए हुए थे।

घर लौटने के बाद उन्होंने राज्यभर में घूमकर ज़रूरतमंदों की मदद करने का निर्णय लिया। हार्दिक बोले। "कई किलोमीटर तक लोग सड़कों पर तंबुओं में सो रहे हैं। खाने और पीने के पानी जैसी बुनियादी ज़रूरतें भी ठीक से नहीं मिल पा रही हैं।" एनजीओ Initiators of Change ने हार्दिक को गुरशान के परिवार से मिलवाया। उन्होंने बताया, "यह परिवार पिछले 10 दिनों से तंबू में रह रहा है। कभी कोई खाना दे देता है, तो कभी कोई दूसरी ज़रूरत। उनके पास कुछ भी नहीं बचा।"

हार्दिक ने अपनी एक छोटी सी घटना याद की, उन्होंने कहा, "चार दिन पहले, मैच वाले दिन सुबह मेरी मां ने मुझे घर में पानी भर जाने का एक छोटा वीडियो भेजा। यह बस पाइपलाइन की गड़बड़ी थी, कुछ बड़ी बात नहीं थी, लेकिन मैं घबरा गया। सोचिए, जब हज़ारों लोग अपना घर और रोज़गार सबकुछ खो बैठे हों, तो उन पर क्या बीत रही होगी।"

हालांकि भारतीय हॉकी खिलाड़ी देश के लिए खेलने पर मैच फीस नहीं पाते, लेकिन हॉकी इंडिया ने 2022 में घोषणा की थी कि हर जीत पर खिलाड़ियों को 50,000 रुपये बोनस मिलेगा। एशिया कप जीतने पर सरकार की तरफ़ से भी इनाम मिला।

हार्दिक ने कहा, "यह सारा पैसा मैं गुरशान और उनके परिवार के लिए इस्तेमाल करूंगा। वरना शायद मैं घड़ी जैसी कोई चीज़ खरीद लेता। लेकिन अगर इस पैसे से किसी की ज़िंदगी में थोड़ी भी रोशनी ला सका, तो वही असली संतोष होगा। यही इंसानियत है, और कुछ नहीं।"