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IND vs AUS: 90 में आकर घबरा गए थे ऋषभ पंत, बताया- इस कारण ठोक पाया शतक

Ind vs Aus Sydney test, ऋषभ पंत ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट मैच में शतक लगाने वाले पहले भारतीय विकेटकीपर बन गए हैं।
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Akashdeep Singh

Jan 04, 2019

rishabh pant

IND vs AUS: 90 में आकर घबरा गए थे ऋषभ पंत, बताया- इस कारण ठोक पाया शतक

नई दिल्ली।ऑस्ट्रेलिया के साथ जारी चौथे टेस्ट मैच में अपने करियर का दूसरा शतक जड़ने वाले भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने खुलासा करते हुए कहा कि इस बार वह अपने शतक के करीब आकर नर्वस हो गए थे। पंत ने सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (एससीजी) पर जारी चौथे और आखिरी टेस्ट मैच के दूसरे दिन शुक्रवार को 159 रन की नाबाद पारी खेली। वह आस्ट्रेलिया में टेस्ट मैच में शतक लगाने वाले पहले भारतीय विकेटकीपर बन गए हैं। उनकी इस शानदार पारी और चेतेश्वर पुजारा के 193 रनों की मदद से भारत ने अपनी पहली पारी सात विकेट के नुकसान पर 622 रनों पर घोषित कर दी।


इस कारण 90 में घबरा गए थे पंत-
पंत ने दूसरे दिन का खेल समाप्त होने के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, "ईमानदारी से कहूं तो 90 के स्कोर पर आकर मैं थोड़ा नर्वस था क्योंकि जब मैं भारत में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेल रहा था तो पिछली दो पारियों में 92-92 के स्कोर पर आउट हो गया था। मैं थोड़ा डरा हुआ था लेकिन मैं उससे जल्दी बाहर निकल गया।" पंत ने नौ टेस्ट मैचों में अब तक 49.71 के औसत से रन बनाए हैं। इस सीरीज में उनके अब 350 रन हो गए हैं और वह सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में चेतेश्वर पुजारा (521) के बाद दूसरे नंबर पर पहुंच गए हैं।


पुजारा के कारण बल्लेबाजी हुई आसान-
उन्होंने अपने अंदर आए किसी भी तरह के बदलाव से इनकार करते हुए कहा, "मुझे नहीं लगता है कि मेरे लिए कुछ भी बदला है। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस बार मैं एक बल्लेबाज (चेतेश्वर पुजारा) के साथ खेल रहा था। अधिकतर समय मैं निचलेक्रम के बल्लेबाजों के साथ खेलता था इसलिए उसी के हिसाब से बल्लेबाजी करता था। लेकिन जब आप एक बल्लेबाज के साथ खेलते हैं तब बात अलग होती है।"


शतक के लिए नहीं टीम के लिए कर रहे थे बल्लेबाजी-
विकेटकीपर बल्लेबाज ने मैदान पर टीम की रणनीतियों को लेकर कहा, "टीम की योजना थी कि जितनी ज्यादा देर तक बल्लेबाजी कर सकते हो करो, इसलिए टीम की योजना के अनुसार बल्लेबाजी कर रहा और रन बनते रहे।" उन्होंने कहा, "अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मैंने जितने भी शतक बनाए हैं वह मेरे लिए काफी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि मैंने अभी ही तो करियर की शुरुआत की है। लेकिन सबसे बड़ी बात ये है कि मैंने शतक के बारे में बिल्कुल भी नहीं सोचा था। सिर्फ यही सोचकर बल्लेबाजी कर रहा था कि टीम को मुझसे क्या चाहिए।"