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3 कारण आखिर क्यों साउथ अफ्रीका के खिलाफ 2-1 से सीरीज हारा भारत

भारत और साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेली जा रही तीन मैचों की टेस्ट सीरीज को मेजबान टीम ने 2-1 से जीत लिया है। सेंचुरियन टेस्ट मैच में जीतने के बावजूद टीम इंडिया बाकी दो मैचों को हार गई और सीरीज गंवा दी। टीम इंडिया को मिली इस हार के सबसे बड़े 3 कारण यह हैं।
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Prabhat sharma

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Updated: 14 Jan 2022, 5:36 PM IST

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ajinkya rahane and cheteshwar pujara

IND vs SA: ऑस्ट्रेलिया को ऑस्ट्रेलिया में हराया और फिर इंग्लैंड के खिलाफ 2-1 की बढ़त बनाने के बाद विराट कोहली की अगुवाई में टीम इंडिया का काफिला पहुंचा साउथ अफ्रीका। अफ्रीकी दौरे पर राहुल द्रविड़ की हेड कोचिंग में टीम इंडिया को 3 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी थी। टीम इंडिया फुल फॉर्म में थी और उसका तेज गेंदबाजी आक्रमण भी वर्तमान में सबसे बेस्ट है। ऐसे में लगा कि भारतीय टीम आसानी से साउथ अफ्रीका को सीरीज में शिकस्त दे देगी। क्योंकि अगर साउथ अफ्रीकी टीम पर नजर डालें तो पाएंगे कि ये कागज पर अब तक की सबसे कमजोर अफ्रीकी टीमों में से एक है। टीम इंडिया ने टेस्ट सीरीज की शुरुआत में ही धुंआ उड़ा दिया और पहले यानी सेंचुरियन टेस्ट मैच में इतिहास रचते हुए 113 रनों से शानदार जीत दर्ज की। हालांकि, उसके बाद जोहान्सबर्ग और केपटाउन के मैदान पर टीम इंडिया को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा और भारतीय टीम 2-1 से सीरीज हार गई। साउथ अफ्रीका के खिलाफ टीम इंडिया को मिली हार के सबसे बड़े 3 कारण यह रहे-

1- अंजिक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा का खराब फॉर्म: विदेशी दौरे पर अगर किसी भी टीम को जीत दर्ज करनी होती है तो उसके लिए सबसे ज्यादा जरूरी होता है मध्यक्रम के बल्लेबाजों का रन बनाना। अंजिक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा लंबे समय से आउट ऑफ फॉर्म हैं। साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में इक्का-दुक्का पारी को छोड़ दें तो ज्यादातर मौकों पर इन दोनों बल्लेबाजों ने टीम को निराश ही किया है। ऐसे में टीम इंडिया को मिला इस हार का सबसे बड़ा कारण अंजिक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा की खराब फॉर्म रही।

2- केवल 6 बल्लेबाजों के साथ मैदान पर उतरना: अंजिक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा के रूप में टीम इंडिया पहले ही बल्लेबाजी में संघर्ष कर रही थी। ऐसे में 6 बल्लेबाजों के साथ मैदान पर उतरना टीम इंडिया की हार की एक वजह बना है। आर अश्विन अफ्रीकी पिचों पर कुछ खास नहीं कर सके हैं। ऐसे में अगर टीम इंडिया हनुमा विहारी या फिर श्रेयस अय्यर को प्लेइंग इलेवन में शामिल करके बल्लेबाजी थोड़ी मजबूत करती तो फिर नतीजे कुछ और हो सकते थे।
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3- विराट कोहली का चोटिल होना: सेंचुरियन टेस्ट मैच में विराट कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया ने इतिहास रचते हुए 113 रनों से शानदार जीत दर्ज की थी। लेकिन, दूसरे टेस्ट मैच में विराट कोहली चोट की वजह से नहीं खेल पाए थे जिसके चलते मोंमेटम ब्रेक हुआ था। विराट कोहली तीसरे टेस्ट मैच में आए और बल्ले से रन भी बनाए लेकिन, अगर वह दूसरा टेस्ट मैच भी खेलते तो भारत के इस सीरीज को जीतने की संभावना बढ़ जाती।
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