क्रिकेट के लिए छोड़ी परीक्षा, मजदूरी करके बनाई पिच, जानिए, रवि बिश्नोई के संघर्ष और सफलता की कहानी

राजस्थान के खिलाड़ी रवि बिश्नोई (Ravi Bishnoi) ने क्रिकेट के लिए छोड़ दी परीक्षा, मजदूरी करके बनाई पिच, अब शमी जैसे गेंदबाज को दे रहे हैं कड़ी टक्कर.....

By: bhupendra singh

Published: 15 Oct 2020, 04:31 PM IST

नई दिल्ली। आईपीएल (IPL) एक ऐसा मंच है जहां नए खिलाड़ियों को चांस मिलते हैं। यह बात एक बार फिर साबित हो गई जब राजस्थान के खिलाड़ी रवि बिश्नोई (Ravi Bishnoi) को किंग्स इलेवन पंजाब (Kings XI Punjab) की टीम ने आईपीएल 2020 (IPL 2020) की नीलामी में 2 करोड़ रुपए में खरीदा गया था। बता दें कि रवि बिश्नोई (Bishnoi) का जन्म राजस्थान के जोधपुर जिले में 5 सितंबर, वर्ष 2000 में हुआ था। बचपन से क्रिकेट को लेकर जुनूनी बिश्नोई ने अपना कॅरियर बनाने के लिए बोर्ड परीक्षा तक नहीं दी थी। यहां तक कि धन के अभाव में खुद मजदूरी करते हुए पिच तैयार कर प्रैक्टिस की। आईए जानते हैं बिश्नोई के संघर्ष से सफलता की कहानी...

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शमी को दे रहे हैं कड़ी टक्कर
बिश्नोई अब तक आईपीएल 2020 में 27 ओवरों में 212 रन देखकर 8 विकेट चटका चुके हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 29 रन देकर तीन विकेट है। बात करें अन्य भारतीय गेंदबाजों की तो जसप्रीत बुमराह ने सबसे ज्यादा 11 विकेट, युजवेंद्र चहल ने 10 विकेट और मोहम्मद शमी ने अब तक 10 विकेट चटकाए हैं। अगर इन गेंदबाजों के एक्सप्रीरियस को देखे तो स्पिनर रवि बिश्नोई नए होने के बाद भी उन्हें कड़ी टक्कर देते नजर आ रहे हैं।

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खुद पिच बनाकर की प्रैक्टिस
रवि जोधपुर के रहने वाले हैं, जहां कोई क्रिकेट पिच नहीं थी। वे बचपन से ही क्रिकेट को लेकर जुनूनी थे। रवि (Ravi Bishnoi) जैसे बच्चों के लिए जोधपुर में शाहरुख पठान और प्रद्योत सिंह नाम के दो दोस्तों ने एकेडमी खोलने का फैसला किया, लेकिन उनके पर्याप्त धन नहीं था। ऐसे में रवि जैसे बच्चों ने उनकी मदद की। खर्च कम हो इसके लिए लोगों ने खुद ही मजदूरी का काम करके पिच तैयार करवाई। खुद बिश्नोई सिमेंट का बैग लेकर एकेडमी पहुंचाते, पत्थर तोड़ते थे ताकि मजदूरी का खर्च बचाया जा सके। उनकी मजदूरी करने से जो पैसे बचे उससे एक्सपर्ट्स को बुलाकर अकेडमी की क्रिकेट पिच तैयार की गई थी।

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क्रिकेट के लिए छोड़ दी थी बोर्ड की परीक्षा
रवि के पिता सरकारी स्कूल में हेड मास्टर थे। वे चाहते थे कि उनका बेटा क्रिकेट का जुनून छोड़कर पढ़ाई में ध्यान दे। तब रवि बिश्नोई के कोच ने उनके पिता को समझाया। बाद में उन्हें राजस्थान रॉयल्स टीम के लिए नेट पर गेंदबाजी करने का अवसर मिला। इस मौके को भुनाने के लिए उन्होंने बोर्ड की परीक्षा तक छोड़ दी थी। उन्होंने कोच की सलाह के बाद क्रिकेट को अपना कॅरियर चुना।

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अंडर-19 वर्ल्ड कप में रहे थे मैन ऑफ द मैच
वर्ष 2019 में बिश्नोई को अंडर-19 वर्ल्ड कप में खेलने का मौका मिला। 21 जनवरी, 2020 में भारत का मुकाबला जापान से था। इसमें बिश्नोई ने 8 ओवर में 5 रन देखकर 4 विकेट चटकाए थे। इस मैच में भारत की 10 विकेट से जीत हुई। शानदार गेंदबाजी के प्रदर्शन के लिए बिश्नोई को इस मैच में मैन ऑफ द मैच चुना गया। इस टूर्नामेंट में वह सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ी रहे थे।

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