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ZIM vs IND: मयंक यादव 2 साल बाद ड्रीम कमबैक को लेकर हुए भावुक, मां-बहन समेत तीन लोगों की दिया श्रेय

Mayank Yadav dream comeback: दो साल बाद वापसी करते हुए मैदान पर उतरते ही पहली गेंद पर विकेट लेना मयंक यादव के लिए किसी ड्रीम कमबैक से कम नहीं है। उन्‍होंने इसका श्रेय अपनी मां, बहन और ट्रेनर रजनी को दिया है, जिन्‍होंने रिकवरी के दौरान मयंक की सबसे ज्‍यादा मदद की।
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भारत

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lokesh verma

Jul 24, 2026

Mayank Yadav dream comeback

भारतीय पेसर मयंक यादव। (फोटो सोर्स: एक्‍स@/BCCI)

Mayank Yadav on his dream comeback: भारतीय टीम में दो साल बाद लौटे तेज गेंदबाज मयंक यादव ने जिम्‍बाब्‍वे के खिलाफ पहली ही गेंद पर विकेट लेकर शानदार कमबैक किया है। उन्‍होंने जिम्बाब्वे के ओपनर ब्रायन बेनेट के विकेट को लेकर कहा कि चोट के बाद वापसी लंबे और मुश्किल सफर का एकदम सही अंत रहा। उन्‍होंने इस पल को अपने करियर के पिछले दो सालों की कड़ी मेहनत का फल बताया।

सिर्फ 18 रन देकर चटकाए 2 विकेट

बता दें कि करीब 21 महीने के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी करते हुए मयंक ने अपनी पहली गेंद 149 की रफ्तार से फेंकी, जो उछाल लेते हुए बेनेट के बैट का किनारा लेते हुए विकेटकीपर ईशान किशन के दस्‍तानों में समां गई। मयंक ने इसके बाद भी कसी हुई गेंदबाजी जारी रखी और अपने चार ओवर के स्‍पेल में सिर्फ 18 रन खर्चते हुए दो विकेट हासिल किए। इस प्रदर्शन के लिए उन्‍हें प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड से नवाजा गया।

बीसीसीआई ने पोस्‍ट किया वीडियो

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने मयंक यादव का एक वीडियो भी पोस्ट किया है, जिसमें उन्‍होंने कहा कि ये दो साल ब्लूज में फिर से खेलने का बेसब्री से इंतजार था। जब मैंने पहली ही गेंद पर विकेट लिया, तो इसने दो साल की कड़ी मेहनत को दिखा दिया। अब बहुत अच्छा लग रहा है। यह बहुत मुश्किल था, लेकिन साथ ही मेरे लिए भी बहुत जरूरी था।

'पहली बॉल से पहले मैं बस यही सोच रहा था'

24 साल के मयंक ने यह भी बताया कि मैं बस यही सोच रहा था कि मुझे बस अपनी स्किल पर भरोसा करना है। मुझे अपनी ताकत पर भरोसा करना है, क्योंकि आईपीएल में मेरा सीजन बहुत अच्छा नहीं रहा था। कई सालों में पहली बार मुझे आईपीएल में कोई विकेट नहीं मिला। लेकिन, उसके बाद मैंने बहुत सारे खिलाड़ियों से बात की।

उन्होंने मुझे सिर्फ एक ही बात बताई कि अपनी ताकत पर भरोसा रखो, खुद पर भरोसा रखो। मैच के दौरान पहली बॉल से पहले मैं बस यही सोच रहा था। मयंक ने अपनी रिकवरी में मदद करने का क्रेडिट अपनी उनकी मां, बहन और ट्रेनर रजनी को दिया।

'वे मुझे और मेरे शरीर को बहुत अच्छी तरह समझते हैं'

मयंक ने कहा कि वहां तीन लोग हैं, मेरी मां, मेरी बहन और मेरे ट्रेनर रजनी सर। उनसे पहली बार 2024 में मैं सेंटर ऑफ एक्‍सीलेंस में मिला था। वे वही इंसान हैं, जो मुझे और मेरे शरीर को बहुत अच्छी तरह समझते हैं। मैं कहीं अटक जाता हूं, तो बस उनके पास जाता हूं और पूछता हूं कि मैं कौन सी चीजें बेहतर कर सकता हूं। जैसे जब मैं फिर से खेल रहा होता हूं, तो मैं बस उन तीनों से बात करता हूं।

'मैंने खुद पर प्रेशर बनाए रखा'

मैच जिताने वाले स्पेल के बावजूद मयंक ने माना कि उनका सबसे बड़ा इमोशन राहत था। यह राहत की बात है, क्योंकि बहुत लंबे समय के बाद मुझसे बहुत उम्मीदें थीं। मैंने खुद पर प्रेशर बनाए रखा, इसलिए मुझे दो विकेट मिले, मेरा परफॉर्मेंस अच्छा रहा। मैं बहुत खुश हूं कि मैं टीम में वापस आ गया हूं। मैं फिर से खेल रहा हूं।