
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम ने कप्तान कपिलदेव के नेतृत्व में सन 1983 में विश्व कप खिताब पर कब्ज़ा ज़माने में सफलता प्राप्त किया था ।इसके बाद करीब दो दशक से भी ज्यादा समय तक भारतीय टीम किसी भी बड़े वैश्विक खिताब को जीतने में सफल नहीं रही । सन 2007 के सितम्बर माह में आज ही के दिन भारतीय क्रिकेट टीम ने कप्तान धोनी के नेतृत्व में टी 20 वर्ल्ड कप को जीतकर 1983 की याद को ताजा कर दिया।
टीम ने दिखाया शानदार प्रदर्शन -
क्रिकेट जैसे खेल में पूरी टीम के खिलाड़ी का योगदान जरूरी हो जाता है । 2007 के टी 20 वर्ल्ड कप के फाइनल में मैच में ऐसा ही देखने को भी मिला था । इस टूर्नामेंट में पूरी टीम ने एकजुट प्रदर्शन किया था । फिर भी भारतीय टीम की इस शानदार जीत में कुछ खिलाड़ियों का बड़ा योगदान रहा था । जिनके बिना हम वह खिताब नहीं जीत पाते ।
गौतम के गंभीर खेल से टीम मैच जीतने में सफल हुई -
आपको बता दें कि इस मैच में बाएं लेफ्ट हैंड बल्लेबाज गौतम गंभीर ने शानदार परफॉरमेंस दिखाया था । पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल में गौतम गंभीर ने 75 रनों की पारी खेलकर भारतीय पारी संभाली थी । वह गंभीर की ही पारी थी, जिसकी मदद से टीम ने 157/5 रन का स्कोर खड़ा किया था । गंभीर के पारी से भारत इस मजबूत स्थिति में पहुँच गयी थी कि गेंबाज अगर औसत प्रदर्शन भी करते हैं तो टीम को आसानी से जीत मिल जाएगी ।मैच में हुआ भी ऐसा ही पकिस्तान टीम मैच को आखिरी ओवर तक ले गयी ।
पठान का भी रहा शानदार परफॉरमेंस -
इरफान पठान ने शानदार प्रदर्शन किया ।खासकर फाइनल के अपने कोटे के 4 ओवरों में 16 रन देकर 3 विकेट चटकाए थे। जिसकी बदौलत वह फानल में मैन ऑफ द मैच बने थे। इनके अलावा गेंदबाज आरपी सिंह ने पूरे टूर्नांमेंट के 7 मैचों में 12 विकेट चटकाए थे । द.अफ्रीका के खिलाफ उनकी गेंदबाजी (4-0-13-4) की बदौलत भारत ने सेमीफाइनल में जगह पक्की की थी । फाइनल में भी पाकिस्तान को 3 विकेट झटके दिए थे।
Updated on:
24 Sept 2017 10:58 am
Published on:
24 Sept 2017 10:54 am
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